वाराणसी में बोले अमित शाह, गुजराती से ज्यादा हिंदी से प्यार

Shubham Bajpai, Last updated: Sat, 13th Nov 2021, 2:23 PM IST
  • यूपी के वाराणसी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के शुभारंभ के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें हिंदी भाषा से गुजराती से ज्यादा प्यार है. हमको स्वदेशी और स्वदेश दोनों को आगे बढ़ाना है. 
अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में बोले अमित शाह, गुजराती से ज्यादा हिंदी से प्यार

वाराणसी. मैं हिंदी को गुजराती से ज्यादा प्यार करता हूं. हिंदी और हमारी स्थानीय भाषाओं के बीच कोई अंतरविरोध नहीं है. हमें अपनी राजभाषा को मजबूत करने की जरूरत है. ये कहना है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. जो शनिवार को अपने यूपी के दो दिवसीय दौरे में हस्तकला संकुल में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के शुभारंभ समारोह में मौजूद रहे. इस कार्यक्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा, नित्यानंद राय समेत कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे.

हमारी मातृभाषा हमारा सम्मान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि हमको हमारे बच्चों से हमेशा मातृभाषा में बात करनी चाहिए. इसमें शर्म करने की जरूरत नहीं है. बल्कि हमको हमारी मातृभाषा के प्रति गर्व होना चाहिए. हमको हमारी राजभाषा को मजबूत करने की जरूरत है.

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2019 में कर लिया था दिल्ली से बाहर सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय

अमित शाह ने दिल्ली से सम्मेलन बाहर करने को लेकर कहा कि इसका निर्णय 2019 में ही ले लिया गया था. देश में अमृत महोत्सव देश को आजादी दिलाने वाले लोगों की स्मृति को पुनः जीवंत करने के साथ ही युवा पीढ़ी को सिखाने का और उनको प्रेरणा देने का भी अवसर है. ये हमारे लिए संकल्य का वर्ष है.

हिंदी को लेकर कई विवाद खड़े करने का हुआ प्रयास

शाह ने हिंदी को लेकर विवाद पैदा करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई बार हिंदी भाषा को लेकर कई विवाद खड़े करने का प्रयास किया गया था, लेकिन पीएम मोदी ने सबको समाप्त करके हमारी भाषाओं को दुनिया में स्थापित करने का काम किया.

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भारत की जनता तय करे कहां खड़ा होगा देश

अमित शाह ने अमृत महोत्सव के माध्यम से जनता संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत की जनता को तयय करना होगा कि भारत कहां खड़ा होगा. देश की जनता ये संकल्प ले कि आने वाले 25 साल में संकल्प सिद्धि का काल हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया के माध्यम से जैसे स्वदेशी को लक्ष्य बनाया, अब स्वभाषा को लक्ष्य बनाकर चलना चाहिए.

 

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