अगले 5 साल में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 30 लाख नौकरी, PLI से होंगे बड़े बदलाव: इक्रा

Somya Sri, Last updated: Sat, 19th Feb 2022, 8:21 AM IST
  • इक्रा ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि अगले 5 साल में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 30 लाख से अधिक नौकरियां मिलने का अनुमान है. यानी अगले पांच सालों में हर साल औसतन 5 लाख नौकरी के अवसर पैदा होंगे. इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीएलआई से देश में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
इक्रा रिपोर्ट ने कहा अगले साल में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 30 लाख रोजगार ( प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ: मैन्यूफैक्चरिंग और आईटी सेक्टर में नौकरी की तलाश करने वालों के लिए अच्छी खबर है. इन्वेस्टमेंट इंफॉर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी यानी इक्रा ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि अगले 5 साल में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 30 लाख से अधिक नौकरियां मिलने का अनुमान है. इक्रा की रिपोर्ट के मुताबिक अगले पांच सालों में हर साल औसतन 5 लाख नौकरी के अवसर पैदा होंगे. वहीं इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीएलआई से देश में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इधर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में यानी आईटी क्षेत्र में कंपनियां इस साल 3.60 लाख नौकरियां फ्रेशर्स को देने वाली है.

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा ने एक रिपोर्ट में कहा है कि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में उत्पादन से जुड़ी पीएलआई रोजगार के क्षेत्र में पासा पलटने वाली साबित हो सकती है. पीएलआई की वजह से मैन्युफैक्चरिंग में 30 लाख नए रोजगार पैदा होंगे. मार्केट इंटेलिजेंस फॉर्म अनअर्थइनसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक आईटी क्षेत्र में चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में नौकरी छोड़ने की दर 22.3% है. वहीं चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आईटी क्षेत्र में नौकरी छोड़ने की रफ्तार 19.5% थी. जबकि चौथी तिमाही में इसके 22 से 24% के बीच रहने की संभावना है. इक्रा के रिपोर्ट के मुताबिक नौकरी छोड़ने की इस रफ्तार से कंपनियां मुश्किल में है.

यूपी चुनाव का तीसरा चरण: कानपुर समेत 16 जिलों में थमा प्रचार, 20 फरवरी को वोटिंग

वहीं इंफोसिस ने हाल ही में कहा है कि वह वर्ष 2022 में 55000 नियुक्तियां करेगी. यह पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है. इसी तरह देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस ने पिछले साल 55000 नियुक्तियों का लक्ष्य तय किया था जिसके मुकाबले वह 75000 नियुक्तियां कर चुकी है.

देश में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे- इक्रा

इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में अब तक जिन 14 क्षेत्रों को शामिल किया गया है उनकी आयात में 40 फीसदी हिस्सेदारी है. यानी मैन्यूफैक्चरिंग में पीएलआई से एक तरफ 40 फीसदी आयात घटेगा वहीं दूसरी ओर देश में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इसके अलावा विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी. इकरा का कहना है कि पीएलआई की वजह से नौकरी की तलाश करने वाले युवाओं, कंपनियों और सरकार के लिए बहुत फायदेमंद साबित होने वाली है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें