कोरोना के दूसरी लहर में अपनों ने कई बुजुर्गों को घर से निकाला, मौत

Smart News Team, Last updated: Tue, 22nd Jun 2021, 7:37 AM IST
  • कोरोना के दूसरे लॉकडाउन के दौरान वृद्धजनों के साथ होने वाली हिंसा में अचानक इजाफा हुआ है. कई वृद्धजनों को तो परिवार के बेरुखी ने ऐसे मारा ही वो काल के गाल में समा गए.
वृद्धजन (फाइल फ़ोटो)

ज्ञान प्रकाश, लखनऊ

कोरोना की दूसरी लहर बीमारी के लिहाज से तो बुरी थी ही साथ में घरों के वृद्धजनों के लिए एक नई मुसीबत की दस्तक थी. कोरोना के दूसरे लहर में जब कोरोना का तांडव हुआ तो वहीं कोरोना कर्फ्यू के कारण परिवार के लोग 24 घंटे घरों में ही बंद रहे, जिससे कारण घरेलू हिंसा व झगड़ों में इजाफा हुआ. वृद्धजनों के लिए सरकार की तरफ से मदद का कार्य करने वाली संस्थाओं के हेल्पलाइन नंबर 18001800060 पर अचानक मदद के लिए की गई कॉल की संख्या बढ़ने लगी. सामान्य दिनों में ये मदद कॉल 200 से 250 तक रही थी, जोकि कोरोना के दौरान बढ़कर 577 से अधिक कॉल दर्ज की गई. 

ये सारे कॉल लखनऊ,शामली, कानपुर, आगरा और तमाम शहरों से आएं बुजुर्गों ने कॉल करके बताया कि उनके ही घर वाले उन्हें प्रताड़ित कर रहें हैं तो कई मामलों में तो बुजुर्गों को घर से बाहर निकल दिया गया तो कई बुजुर्ग ऐसे भी थे जो मदद की आश में अपनी जान गवां बैठे. समाजसेवी इंदू सुभाष के अनुसार इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी हैं. वह बताती हैं कि सामान्य दिनों में घर की पुरुष व महिलाएं दफ्तर जाते हैं और बीच-बीच में घर के लोग कहीं न कहीं घूमने ही चले जाते हैं जिससे परिवारों में तनाव कम होता है. लेकिन जबसे पूरे देश में लॉकडाउन लगा है सभी लोग घरों में ही कैद हैं.

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वृद्धजनों के साथ होने वाली घटनाएं कुछ इस प्रकार हैं.

केस नंबर एक

पुलिस से रिटायर्ड 88 वर्षीय वृद्ध और उनकी पत्नी को बेटे और बहू ने निकल दिया. पीजीआई के पास वृद्ध के द्वारा खुद से बनवाया हुआ बढ़ा सा घर है. लेकिन उनके बच्चों की वजह से वह उसमें भी नहीं रह सके. अब दोनों बुजुर्गों ने एक मंदिर में शरण ले रखी है और प्रसाद के रूप में आने वाले चढ़ावे से उनका गुजारा होता है.

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केस नंबर दो

इंदिरा नगर के 82 वर्षीय वृद्ध के दो बच्चे दूसरे राज्यों में सरकारी अफसर हैं, एक लड़का बेरोजगार है जो 4000 हजार वर्ग फुट के मकान में अपनी पत्नी संग रहता है. अप्रैल महीने में दूसरे लॉकडाउन के दौरान उनके बेटे और बहू ने घर से बाहर कर दिया जिससे उनकी मौत हो गई.

केस नंबर तीन

जेल रोड निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग ने आठ अप्रैल को हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके मदद मांगी, बताया की उनके नाती पोते जानबूझकर तेज आवाज में म्यूजिक बजाते हैं. जिससे उनके दिल पर जोर पद रहा है. बच्चों ने बैंक में जमा पैसे निकाल लिए 20 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई.

 

 

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