प्रदेश में उद्योगों का मनमाने तरीके से सर्वे नहीं कर पाएंगे निरीक्षक

Smart News Team, Last updated: 15/12/2020 12:51 PM IST
  • प्रदेश में अब कारोबारियों के उद्योगों व प्रतिष्ठानों का वक्त-बेवक्त मनमाने तरीके से निरीक्षण नहीं हो सकेगा. यह व्यवस्था इसी महीने से लागू होने जा रही है.
फाइल फोटो.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उद्यमियों की सहूलियत के लिए राज्य सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है. प्रदेश में अब कारोबारियों के उद्योगों व प्रतिष्ठानों का वक्त-बेवक्त मनमाने तरीके से निरीक्षण नहीं हो सकेगा. इसके लिए श्रम विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बांट माप विभाग व अन्य विभागों के निरीक्षकों को तय गाइड लाइन के हिसाब से सर्वे करना होगा. कोई निरीक्षक लगातार दो बार एक प्रतिष्ठान का सर्वे नहीं कर सकेगा. सर्वे रिपोर्ट 48 घंटे में ऑनलाइन पोर्टल पर देनी होगी. यह व्यवस्था इसी महीने से लागू होने जा रही है.

आपको बता दें कि औद्योगिक विकास विभाग ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत एक 'सेंट्रल इंस्पेक्शन सिस्टम' (सीआईएस) बनाया है. इसका मकसद कारोबारियों की सहूलियतों का ध्यान रखना और उन्हें उत्पीड़न से बचाना है.

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अब निरीक्षकों के लिए प्रतिष्ठानों का चयन कंप्यूटरीकृत जोखिम मूल्यांकन का उपयोग कर के किया जाएगा. निरीक्षकों का आवंटन सीआईएस के तहत होगा. निरीक्षकों तथा उद्यमी को निरीक्षण की सूचना दी जाएगी. निरीक्षक सीआईएस के नियमों का पालन करेंगे और सीआईएस के अलावा समय-समय पर निरीक्षण नहीं करेंगे. यह कवायद 'बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान' के तहत की गई है. इस काम के लिए श्रम विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है.

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