गोरखपुर पुलिस पिटाई केस: SP कार्यकर्ताओं का लखनऊ में प्रदर्शन, दोषियों के खिलाफ

Nawab Ali, Last updated: Thu, 30th Sep 2021, 6:25 PM IST
  • कानपुर व्यापारी की पुलिस पिटाई से मौत को लेकर समाजवादी व्यापार सभा ने लखनऊ के कैसरबाग स्थित कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया है. इस दौरान नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की है. समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
कानपुर व्यापारी की मौत के विरोध में सपा व्यापारसभा ने लखनऊ में किया प्रदर्शन.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी की पुलिस पिटाई से मौत मामले को लेकर समाजवादी व्यापार सभा ने लखनऊ के कैसरबाग स्थित कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया है. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी को दो करोड़ रूपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है. इस दौरान नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की. प्रदेश उपाध्यक्ष पवन मनोचा ने कहा कि व्यापारी मनीष गुप्ता को जिस प्रकार गोरखपुर पुलिस ने प्रताड़ित कर मार डाला यह घोर निंदनीय है. 

गोरखपुर में कानपुर क्व्यपरी की मौत से प्रदेशभर में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार विपश के निशाने पर आ गई है. तमाम विपक्षी पार्टी उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साह रही है. समाजवादी व्यापार सभा ने व्यापारी की मौत लेकर कैसरबाग  की मौत को लेकर स्थित कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया है. इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं की भीड़ को पहले ही बेरिकेडिंग लगा कर रोक दिया है. कार्यकर्ताओं और पुलिस में तीखी नोंकझोंक भी हुई है. गुस्साए कार्यकर्त्ता सड़क को काम करते हुए धरने पर ही बैठ गए.

CM योगी से मिलने जा रहे कानपुर प्रॉपर्टी डीलर के परिवार को सपा कार्यकर्ताओं ने पीटा

प्रदेश उपाध्यक्ष पवन मनोचा का कहना है कि है जी तरह से पुलिस ने व्यापारी मनीष गुप्ता को होटल में मारपीट कर हत्या की है यह एक घोर निंदनीय अपराध है. घटना इ शामिल सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को सख्त सजा दी जाये. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पोलकी को ज्ञान दिया है साथ ही उन्होंने मांग की है कि व्यापारी की पत्नी को सरकारी नौकरी और 2 करोड़ रूपये मुआवजा दिया जाए. हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने पीड़ित पत्नी मीनाक्षी गुप्ता को कानपुर विकास प्रधिकार्न में ओएसडी पद पर नौकरी देने का फैसला लिया है.

 

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