Karwa Chauth Chand Timing in Lucknow: जानें करवा चौथ 2021 की शाम लखनऊ में कब होगा चांद का दीदार?

Deepakshi Sharma, Last updated: Fri, 22nd Oct 2021, 1:27 PM IST
  • करवा चौथ 24 अक्टूबर 2021 दिन रविवार को इस बार पड़ रहा है. चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही महिलाएं अपने व्रत को पूरा करती है. ऐसे में महिलाओं को चांद का बेसब्री से इंतजार रहता है. ऐसे में आपको बताते हैं कि आपके शहर लखनऊ में चांद कितने बजे निकलेगा.
लखनऊ में जानिए करवा चौथ पर कब निकलेगा चांद

सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा पर्व करवा चौथ 24 अक्टूबर को पड़ने वाला है. इस दिन सभी महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए व्रत रखती है. सुबह से ही महिलाएं इसकी तैयारियों में जुट जाती है. रात को चांद के दर्शन और पूजा करने के बाद अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करने के बाद ही अपना व्रत तोड़ती हैं. इस दिन सभी महिलाएं चांद के निकलने का बेसब्री से इतंजार करती हैं. ऐसे में हम आपको बताते हैं कि इस बार करवा चौथ पर लखनऊ में चांद किस वक्त निकलने वाला है.

करवा चौथ का शुभ मुहूर्त और लखनऊ में चांद निकलने का समय -

करवा चौथ पर पूजा का शुभ समय 24 अक्टूबर 2021 को शाम 6:55 मिनट से लेकर 8:51 मिनट तक रहने वाला है. वहीं, करवा चौथ पर चंद्रोदय का वक्त रात 8 बजकर 11 मिनट का है, लेकिन लखनऊ में चांद निकलने का समय 07 बजकर 56 मिनट का है.

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करवा चौथ पर ऐसे करें पूजा

करवा चौथ पर सूरज निकलने से पहले सास द्वारा भेजी गई सरगी का सेवन कर लें. बाद में फिर स्नान करने के बाद संकल्प बोलकर करवा चौथ का व्रत शुरु करें. पूरे दिन निर्जल रहे. इस दौरान आठ पूरियां की अठावरी और हलुवा बनाएं. साथ ही पीली मिट्टी से गौरी बनाएं और उनकी गोद में गणेश जी बनाकर बैठाएं. मां गौरी का सुहाग सामग्री से श्रृंगार करें. करवा में गेंहूं और ढक्कर नें शक्कर का बूरा भर दें. उसके ऊपर दक्षिणा रखें. रोली से करवा पर स्वस्तिक भी बनाएं. मां गौरी और भगवान गणेश की पूजा परंपरा के मुताबिक करें. पति की लंबी आयु के लिए फिर कामना करें. करवा पर 13 बिंदी रखें और गेहूं या फिर चावल के 13 दाने हाथ में लेकर करवा चौथ की कहानी या फिर कथा सुनें. कथा पूरी होने के बाद अपनी सांस के पैर छुकर उनका आशीर्वाद लें और उन्हें करवा दें. रात के वक्त चांद निकलने के बाद छलनी की ओट से उसे देखें और फिर चांद को अर्ध्य दें. इसके बाद पति से आशीर्वाद लें. उन्हें भी भोजना करें और खुद भी भोजन करें.

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