Kasganj Death Case: अल्ताफ की मौत पर उठे विवाद के बाद पिता ने UP पुलिस के खिलाफ आरोप लिया वापस

Somya Sri, Last updated: Fri, 12th Nov 2021, 10:33 AM IST
  • कासगंज में पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मुस्लिम युवक अल्ताफ की खुदकुशी के मामले में पिता ने यूपी पुलिस के खिलाफ आरोप वापस ले लिया है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अल्ताफ के पिता चांद मियां ने एक हस्तलिखित नोट में दावा किया है कि उनका बेटा अवसाद से पीड़ित था और वह पुलिस के खिलाफ मामला वापस ले रहे हैं. पुलिस का कहना है कि एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक अल्ताफ ने थाना परिसर में बने शौचालय में आत्महत्या की है.
Kasganj Death Case: अल्ताफ की मौत पर उठे विवाद के बाद पिता ने UP पुलिस के खिलाफ आरोप लिया वापस

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कासगंज में पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मुस्लिम युवक अल्ताफ की खुदकुशी के मामले में पिता ने यूपी पुलिस के खिलाफ आरोप वापस ले लिया है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अल्ताफ के पिता चांद मियां ने एक हस्तलिखित नोट में दावा किया है कि उनका बेटा अवसाद से पीड़ित था और वह पुलिस के खिलाफ मामला वापस ले रहे हैं. मालूम हो कि अल्ताफ के पिता शुरुआत से ही अल्ताफ की मौत को मर्डर बताते आ रहे थे. लेकिन अब वो पीछे हट गए हैं.

पुलिस ने कहा आत्महत्या

बता दें कि इस केस में पुलिस का कहना है कि एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक अल्ताफ ने थाना परिसर में बने शौचालय में आत्महत्या की है. वहीं युवक के परिजनों ने पुलिस पर पीट-पीट कर हत्या करने के आरोप लगाए हैं.

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अल्ताफ की मौत को पिता ने बताया था मर्डर

अल्ताफ के पिता चाहत मियां के मुताबिक वो खुद अपने बेटे अल्ताफ को पुलिस चौकी में छोड़कर आए थे. तब पुलिस ने भरोसा दिया था कि वो पूछताछ करके छोड़ देंगे. अल्ताफ के पिता अबतक यह कहते आये हैं कि अल्ताफ की हत्या कर दी गई. हालांकि अब वो इस मामले में पीछे हट गए हैं. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अल्ताफ के पिता चांद मियां ने एक हस्तलिखित नोट में दावा किया है कि उनका बेटा अवसाद से पीड़ित था और वह पुलिस के खिलाफ मामला वापस ले रहे हैं.

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मामले पर सियासत गर्म

इस मामले में 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. वहीं विपक्षी दल मामले को लेकर योगी सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्दुल हाफिज गांधी ने उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश द्वारा उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा, "क्या यह असामान्य नहीं है कि चांद मियां ने पुलिस के समर्थन में एक हाथ से लिखित घोषणा प्रस्तुत की है, लेकिन हस्ताक्षर के बजाय, अगूंठा के निशान हैं, जो साबित करता है कि वह साक्षर नहीं है? पूरी बात संदिग्ध है."

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