केजीएमयू कार्यपरिषद की बैठक आज, खून की जांच होगी सस्ती, मिलेंगी कई सविधाएं

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Aug 2021, 10:52 AM IST
  • केजीएमयू मरीजों को खून की जांच पहले से कम पैसे देने पड़ेंगे. मरीजों के लिए खून की जांच सस्ती कर दी जाएगी. इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने इसका खाका तैयार कर लिया है.
केजीएमयू कार्यपरिषद की बैठक आज

केजीएमयू प्रशासन ने मरीजों को राहत दी है, अब से मरीजों को खून की जांच पहले से कम पैसे देने पड़ेंगे. मरीजों के लिए खून की जांच सस्ती कर दी जाएगी. इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने इसका खाका तैयार कर लिया है. केजीएमयू प्रशासन पीपीपी मॉडल पर काम कर रही है. कंपनी को कीमतें घटाने के लिए राजी कर लिया है. केजीएमयू कार्यपरिषद की बैठक में इस बात पर चर्चा की जाएगी. अधिकारियों से इस पर मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद की जा रही है.

500 से ज्यादा तरह की खून की जांच की सुविधा

रोजाना लगभग केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना औसतन आठ से 10 हजार मरीज आते हैं. 70 से 80 प्रतिशत मरीजों को खून की जांचें लिखी जाती हैं.केजीएमयू में पीपीपी मॉडल पर संस्था जांच कर रही है. केजीएमयू खुद भी पैथोलॉजी का संचालन करती है मरीजों के दबाव के मद्देनजर बीते कई वर्षों से पीपीपी मॉडल पर केजीएमयू में जांच हो रही है. इस सस्ती जांच को लेकर कहा जा रहा है कि 10 प्रतिशत तक कीमतों को कम किया जा सकता है. पैथोलॉजिकल जांच की कीमतों में कमी की जाएगी. इसका प्रस्ताव कार्यपरिषद में रखा जाएगा। करीब 10 प्रतिशत तक कीमतों में कमी आएगी. केजीएमयू में 500 से ज्यादा तरह की खून की जांच की सुविधा उपलब्ध है.

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केजीएमयू प्रशासन ने मरीजों को राहत दी है, अब से मरीजों को खून की जांच पहले से कम पैसे देने पड़ेंगे. मरीजों के लिए खून की जांच सस्ती कर दी जाएगी. इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने इसका खाका तैयार कर लिया है. केजीएमयू प्रशासन पीपीपी मॉडल पर काम कर रही है. कंपनी को कीमतें घटाने के लिए राजी कर लिया है. केजीएमयू कार्यपरिषद की बैठक में इस बात पर चर्चा की जाएगी. अधिकारियों से इस पर मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद की जा रही है.

500 से ज्यादा तरह की खून की जांच की सुविधा

रोजाना लगभग केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना औसतन आठ से 10 हजार मरीज आते हैं. 70 से 80 प्रतिशत मरीजों को खून की जांचें लिखी जाती हैं.केजीएमयू में पीपीपी मॉडल पर संस्था जांच कर रही है. केजीएमयू खुद भी पैथोलॉजी का संचालन करती है मरीजों के दबाव के मद्देनजर बीते कई वर्षों से पीपीपी मॉडल पर केजीएमयू में जांच हो रही है. इस सस्ती जांच को लेकर कहा जा रहा है कि 10 प्रतिशत तक कीमतों को कम किया जा सकता है. पैथोलॉजिकल जांच की कीमतों में कमी की जाएगी. इसका प्रस्ताव कार्यपरिषद में रखा जाएगा। करीब 10 प्रतिशत तक कीमतों में कमी आएगी. केजीएमयू में 500 से ज्यादा तरह की खून की जांच की सुविधा उपलब्ध है.

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दवाओं के लिए मरीजों को अधिक भटकना नहीं पड़ेगा

कैशलेस योजना में इलाज कराने वाले मरीजों को सभी दवाएं व उपकरण एचआरएफ काउंटर से मिलेंगी. कैशलेस योजना के अलावा अन्य रोगियों को मिलने वाली निशुल्क सुविधा व दवाओं की सूची हर विभाग को अलग से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही मरीजों को पर्चे के साथ ही उसकी फाइल सुरक्षित रखने की व्यवस्था शुरू की जाएगी. यह ऑप्शनल होगा, इसके लिए मरीजों को 50 रु फीस देना होगा.

केजीएमयू से संबद्ध सभी मेडिकल, नर्सिग और पैरामेडिकल संस्थानों को अटल विवि से संबद्ध करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. इन्हें अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल विश्वविद्यालय से जोड़ने की तैयारी है. इससे प्रदेश के सभी पैरामेडिकल व मेडिकल कॉलेज को एक ही विवि से डिग्री मिल सकेगी.

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