वेतन विसंगति की मांग को लेकर पेट के बल लेट CM आवास जा रहे कर्मचारी परिषद अध्यक्ष

Smart News Team, Last updated: Tue, 17th Aug 2021, 12:53 PM IST
  • वेतन विसंगति समेत अन्य मांगों को लेकर केजीएमयू कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार केजीएमयू से कालीदास मार्ग स्थित सीएम आवास पेट के बल लेटकर जा रहे हैं. उनका कहना है कि 5 साल पहले शासनादेश जारी होने के बाद भी उनकी मांगों पर शासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई. जिसके चलते अब कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर हैं.
वेतन विसंगति समेत अन्य मांगों को लेकर केजीएमयू कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार पेट के बल लेटकर केजीएमयू से सीएम आवास जा रहे हैं

लखनऊ. वेतन विसंगति समेत अन्य मांगों को लेकर केजीएमयू कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार पेट के बल लेटकर केजीएमयू से सीएम आवास जा रहे हैं. इस दौरान केजीएमयू के कई कर्मचारी भी उनके साथ सीएम आवास जा रहे हैं. परिषद काफी समय से वेतन विसंगति को दूर करने की मांग कर रहा है. इससे पहले गुरुवार को केजीएमयू के कुलसचिव आशुतोष द्विवेदी औ चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को परिषद पत्र भेज चुका है.

2016 को जारी हुआ शासनादेश, लेकिन अभी तक लंबित मांगें

केजीएमयू कर्मचारी परिषद के महामंत्री राजन यादव ने बताया कि केजीएमयू के गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को पीजीआई के समान वेतन भत्ते और सुविधाएं देने की घोषणा हुई. 23 अगस्त 2016 को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया था, लेकिन 5 साल बीत जाने के बाद भी मांगें लंबित हैं. जिसको लेकर कई बार सरकार प्रशासन दोनों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई न होने से कर्मचारी नाराज है.

11वीं के छात्र ने बनाई ई साइकिल, 14 रुपये में 70 किमी की दूरी होगी तय

कमेटी शासन को भेज चुकी है रिपोर्ट

केजीएमयू आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लोहिया संस्थान व पीजीआई के समान वेतन देने के लिए कमेटी गठित की गई थी. डॉ. जयंत नार्लीकर की अध्यक्षता में बनी कमेटी शासन को अपनी रिपोर्ट दे चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. जिसके चलते परिषद अब चुनाव से पहले आंदोलन करके सरकार पर दवाब बनाकर अपनी मांगों को पूरा करवाने का प्रयास कर रही है.

UP विधानसभा मानसून सत्र के लिए रिक्शा और बैलगाड़ी से पहुंचे सपा-कांग्रेस के नेता

मंत्री ने दिए थे निर्देश

मंत्री सुरेश खन्ना ने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव डॉ रजनीश दुबे और अपर मुख्य सचिव ,वित्त विभाग को अप्रैल तक 4 कैडर एवं सितंबर तक अधिकतम कैडर का संवर्गीय पुनर्गठन करने के निर्देश दिए गए थे. निर्देशों के बाद भी शासन द्वारा अभी तक एक कैडर(नर्सिंग कैडर) का ही शासनादेश जारी किया गया है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें