KGMU पेपर लीक जांच हुई पूरी, तीन डॉक्टर दोषी, शासन ने कुलपति को दिया कार्रवाई करने का आदेश

Haimendra Singh, Last updated: Sat, 13th Nov 2021, 12:25 PM IST
  • किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के व्हाट्सएप पर पेपर लीक मामले में शासन ने तीन डॉक्टरों को दोषी करार दिया है शासन ने विश्वविद्यालय के कुलपति से को अगर आदेश दिया है कि वह दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. 2019 में हुई परीक्षा में पेपर व्हाट्सएप पर लीक हो गया था.
केजीएमयू .( फाइल फोटो )

लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊ के सबसे बड़े केजीएमयू(KGMU) अस्पताल के दंत संकाय में नौ विभागों के लिए सीनियर रेजिडेंट डाक्टर की भर्ती लिखित परीक्षा हुई थी, परीक्षा के समय परीक्षा का पेपर वाट्सएप्प पर लीक हुआ था जिसकी जांच अब पूरी हो गई है. इस जांच में पेपर बनाने वाले एक डॉक्टर सहित तीन डॉक्टरों को दोषी बताया गया है. शासन के केजीएमयू के कुलपति और प्रशासन को पत्र लिखकर दोषी डाक्टरों पर खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है. इस परीक्षा का आयोजन 21 जुलाई 2019 को किया गया था.

केजीएमयू के दंत संकाय के नौ विभागों में पहली बार लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर कुल 30 रेजिडेंट डाक्टरों की भर्ती होनी थी. इस परीक्षा में ओरल पैथोलाजी एंड माइक्रोबायोलाजी विभाग का पेपर लीक हो गया. पेपर को लेकर कराने का आरोप केजीएमयू के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. शादाब मोहम्मद पर लगा था. दो सालों तक चली इस जांच को शासन ने पूरा कर लिया है. इस पेपर लेकर के मामले में दंत संकाय के दो डाक्टर व परीक्षा विभाग में रहे एक डाक्टर को जिम्मेदार बताया है.

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कुलपति को दिया कार्रवाई करने का आदेश

केजीएमयू पेपर लीक मामले की जांच मंडलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा की गई है. जांच के बाद अनु सचिव मुमताज अहमद सिद्दीकी ने केजीएमयू के कुलपति को पत्र लिखकर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश भी दिया है. सचिव मुमताज अहमद ने अपने पत्र में कुलपति को एक 17 पन्ने की एक जांच रिपोर्ट भी भेजी है. शासन द्वारा मिले आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कुलपति जल्द ही दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सकते है.

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