KGMU कर्मचारियों की हड़ताल, बिना इलाज लौटे 1500 मरीज

ABHINAV AZAD, Last updated: Wed, 17th Nov 2021, 11:53 AM IST
  • किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग, पैरामेडिकल और कर्मचारियों की हड़ताल के वजह से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है. मंगलवार को 1500 मरीज बिना इलाज खाली हाथ लौटे.
किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ.

लखनऊ. किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) में नर्सिंग, पैरामेडिकल और कर्मचारियों की हड़ताल मरीजों की जान के लिए खतरा बन गया है. दरअसल, 1500 से अधिक मरीजों को केजीएमयू के ओपीडी में इलाज नहीं मिल पा रहा है. मरीज ओपीडी से बिना इलाज ही वापस अपने घर लौट रहे. आलम यह है कि दूर-दराज से आने वाले मरीज हड़ताली कर्मचारियों के सामने रोते-गिड़गिड़ाते रहे. लेकिन कर्मचारी अपनी जिद से टस से मस नहीं हुए.

पीजीआई के समान वेतन और कैडर पुर्नगठन की मांग को लेकर सुबह करीब साढ़े आठ बजे कर्मचारी ओपीडी ब्लॉक पहुंचे. उस वक्त संविदा कर्मचारी मरीजों का पर्चा बना रहे थे. जांच के लिए शुल्क जमा किया जा रहा था. कई डॉक्टर अपने कमरे में पहुंच चुके थे. लेकिन इसी दौरान केजीएमयू कर्मचारी परिषद के पदाधिकारी सैकड़ों की संख्या में ओपीडी में पहुंच गए. सैकड़ों की संख्या में ओपीडी में पहुंचे केजीएमयू कर्मचारी परिषद के पदाधिकारी कर्मचारी परिषद जिंदाबाद के नारे लगाने लगे.

लखनऊ में छोटा शकील का डर दिखा दंपत्ति ने कंपनी के मालिक से हड़पे 72 करोड़ रूपए

इस तरह ओपीडी में अफरा-तफरा का माहौल हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पर्चा काउंटर पर कामकाज ठप करा दिया. जांच के ली जा रही सैंपल को भी रूकवा दिया. सीटी स्कैन, एक्सरे समेत दूसरी जांच भी ठप करा दी. इस दौरान मरीज रोते-बिखलते रहे. कई मरीज तो स्ट्रेचर पर थे. तीमारदार ने मरीजों पर रहम खाने की फरियाद की. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने मरीजों की एक नहीं सुनी. बताते चलें कि केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना करीब साढ़े तीन हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं. सोमवार को 1989 मरीज ही ओपीडी में देखे गए. बाकी मरीजों का पंजीकरण ही नहीं हुआ. मायूस मरीजों को लौटना पड़ा.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें