जानें कैसे बदले योगी सरकार ने शहरों और रेलवे स्टेशन के नाम, कौन देता है मंजूरी, पूरी प्रक्रिया

Swati Gautam, Last updated: Tue, 2nd Nov 2021, 6:43 PM IST
  • उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार आने के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के कई शहर और रेलवे स्टेशन के नाम बदल डाले हैं. फैजाबाद जंक्शन का नाम अब अयोध्या कैंट कर दिया गया है. किसी जगह के नाम बदलने के पीछे की पूरी प्रक्रिया आज हम आपको बताने जा रहे हैं.
जानें कैसे बदले योगी सरकार ने शहरों और रेलवे स्टेशन के नाम, कौन देता है मंजूरी, पूरी प्रक्रिया. file photo

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के कई शहर और रेलवे स्टेशन के नाम बदल डाले हैं. फैजाबाद जंक्शन का नाम अब अयोध्या कैंट कर दिया गया है. ऐसे में आम जनता के मन में यह सवाल उठता होगा कि किसी जगह के नाम बदलने के पीछे प्रक्रिया की होती होगी. इस सवाल का जवाब आज हम आपको देने जा रहे हैं. बता दें कि किसी भी शहर, गांव, नगर या रेलवे स्टेशन के नाम बदलने के लिए केंद्र सरकार के आदेश की जरूरत होती है. यह काम केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ में होता है. जगह का नाम बदलने के सबसे पहले राज्य सरकार को केंद्र सरकार को अनुरोध भेजना पढ़ता है.

जब राज्य सरकार किसी जिले या रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के लिए अपना अनुरोध केंद्र सरकार तक भेज देती है तो केंद्र सरकार उक्त प्रस्ताव पर इंटेलिजेंस ब्यूरो, डाक विभाग, भारतीय भौगोलिक सर्वेक्षण विभाग, रेलवे मंत्रालय जैसे कई विभागों और एजेंसियों को भेजकर एनओसी मांगता है. इसके बाद ग्रह मंत्रालय वर्तमान दिशा-निर्देशों के मुताबिक इन सभी संबंधित एजेंसियों से नाम बदलने को लेकर विचार-विमर्श करता है और एजेंसियां एनओसी बनाती हैं. संबंधित विभागों और एजेंसियों से एनओसी मिलने के बाद ही गृह मंत्रालय नाम बदलने की मंजूरी दे देता है.

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वहीं अगर किसी राज्य के नाम बदलना होता है तो उसके लिए संसद में साधारण बहुमत से संविधान में संशोधन की जरूरत होती है. इस प्रक्रिया के बाद राज्य व रेलवे स्टेशन का नाम आसानी से बदला जा सकता है. कह सकते हैं कि नाम बदलने की मजूरी देना केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों व विभागों के हाथ में होता है. बता दें कि योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद सबसे पहले मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा था. जिसके लिए राज्य सरकार ने पहले प्रस्ताव भेजा था फिर केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी.

इन रेलवे स्टेशन के नाम बदलने की उठ रही है मांग

योगी सरकार के आने के बाद यूपी में रेलवे स्टेशन और शहरों के नाम बदलने का सिलसिला जारी है. अभी भी राज्य सरकार ने झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है. इसके अलावा बीजेपी सांसद कौशल किशोर ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर अपने संसदीय क्षेत्र में आने वाले आलमनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बुद्धेश्वरधाम रखने की मांग की है.

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