लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर चढ़ी BJP नेता के काफिले की गाड़ी, बवाल, आगजनी

Ankul Kaushik, Last updated: Sun, 3rd Oct 2021, 6:22 PM IST
  • लखीमपुर खीरी में किसान और बीजेपी नेताओं के बीच झड़प हो गई है. सड़क पर बैठे आंदोलन कर रहे किसानों को भाजपा नेताओं के काफिले की गाड़ियों ने कुचल दिया है. इसके बाद आक्रोशित किसानों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद उन्हें आग के हवाले कर दिया है.
लखीमपुर-खीरी में बीजेपी नेताओं और किसानों की बीच झड़प

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों और बीजेपी नेताओं के बीच झड़प हो गई है. यह बवाल केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम से पहले हुआ है. यहां पर सड़क पर बैठे किसानों के उपर गाड़ियां चढ़ा दी गई हैं. इसमें तीन किसानों की मौत की खबर है लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई भी पुष्टि नहीं हुई है. इसके बाद गुस्साएं किसानों ने मौके पर मौजूद कई गाड़ियों में आग लगा दी. वहीं इस घटना की सूचना मिलते ही मौक पर पहुंची पुलिस ने बवाल कर रहे किसानों को गन्ने के खेत में खदेड़ दिया. इससे पहले आक्रोशित किसानों ने भाजपा नेताओं को भी जमकर पीटा.

बता दें के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को काले झंडे दिखाने के लिए खड़े थे किसान और इसी दौरान भाजपा नेताओं के काफिले की गाड़ियों ने उन्हें कुचल दिया. इसके बाद मौके पर काफी बवाल हो गया और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या बीच रास्ते से लौट गए. वहीं घटना की सूचना मिलते ही डीएम और एसपी घटनास्थल पर मौजूद हैं और लखनऊ से कमिश्नर और आईजी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं. किसानों के उपर हुए हमले का आरोप भारतीय किसान यूनियन ने ट्वीट कर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र पर लगाया है.

लखीमपुर खीरी घटना पर बोले BKU नेता टिकैत- किसानों पर गाड़ियों से हमला और फायरिंग

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले हुई यह घटना प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा पर भारी पड़ सकती है. इस घटना को लेकर विपक्ष भी बीजेपी पर हमलावर है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके लिखा है कि कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा, गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय और क्रूर कृत्य है. उप्र दंभी भाजपाइयों का ज़ुल्म अब और नहीं सहेगा. यही हाल रहा तो उप्र में भाजपाई न गाड़ी से चल पाएंगे, न उतर पाएंगे.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें