लखनऊ: 27 फीसदी जनता को आज भी पानी का इंतजार, कई इलाकों में पाइपलाइन नहीं

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Sat, 12th Feb 2022, 4:24 PM IST
  • लखनऊ में आज भी करीब 27 फीसदी आबादी को शुद्ध पानी का इंतजार है. जिन क्षेत्रों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, दरअसल उन इलाकों में अभी तक जलकल विभाग की तरफ से नल से पीने के लिए पानी मुहैया कराए जाने के वास्ते पाइपलाइन ही नहीं बिछाई जा सकी हैं. 
प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज भी करीब 27 फीसदी आबादी को शुद्ध पानी का इंतजार है. जिन क्षेत्रों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, दरअसल उन इलाकों में अभी तक जलकल विभाग की तरफ से नल से पीने के लिए पानी मुहैया कराए जाने के वास्ते पाइपलाइन ही नहीं बिछाई जा सकी हैं. यहीं कारण है कि इन इलाकों में बसने वाले लोगों को पेयजल का समस्या से जूझना पड़ रहा है. बता दें कि जलकल विभाग ने साल 2025 तक शहर के हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने की योजना बनाई है.

आज भी राजधानी के एक चौथाई जनता को पेयजल के संकट से जूझना पड़ रहा है. इन इलाको में गर्मी के दिनों में जबरदस्त समस्या होती है. बताया जा रहा है कि लोगों को सुबह शाम 2 घंटे भी पानी नहीं मिल पाता है. कुई इलाकों में आज तक जलकल विभाग ही नहीं पहुंच सकी है. यहां बसे लोग सबमर्सिबल और हैंडपंप के सहारे अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं. करीब 30 साल से ज्यादा वक्त गुजर गया. इस बीच संबंधित क्षेत्रों से कई दलों के नेता जीत कर आए. जीत से पहले इन सियासतदानों ने अपने भोलीभाति जनता से शुद्ध पानी उपलब्ध कराए जाने के लिए वादा भी किया मगर उन वादों पर खरें न उतर सके.

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लंबे समय से रुका है दो वॉटर वर्क्स का काम

बता दें कि राजधानी लखनऊ में दो वॉटर वर्क्स की जरूरत है. इसके लिए जलकल विभाग ने प्रस्ताव भी तैयार कर रखा है. इन दोनों के बन जाने से करीब 10 लाख तक लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल सकेगा. राजधानी के अलीगंज, जानकीपुरम, फैजुल्लागंज, सीतापुर रोड से वसंतकुंज तक पानी की सप्लाई के लिए जलकल विभाग ने घैला नामक जगह पर एक वॉटर वर्क्स यानी जलकल बनाने का प्रस्ताव बनाया है. इसके लिए जमीन भी आरक्षित है लेकिन अभी तक कोई काम नहीं शुरू हुआ है.वहीं दूसरे वॉटर वर्क्स के निर्माण कराए जाने को लेकर लखनउ के अलीनगर सुनहरा जिस इलाके से कानपुर के लिए सड़क गुजरी है, में प्रस्ताव तैयार किया गया है.

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