लखनऊ: कोरोना के कारण एक परिवार के 8 लोगों ने जान गंवाई, प्रशासन से नहीं मिली मदद

Smart News Team, Last updated: Wed, 2nd Jun 2021, 7:56 AM IST
  • कोरोना के कारण 25 दिन में एक परिवार के 8 सदस्यों की संक्रमण की चेपट में आने से मौत हो गई. सोमवार को 5 लोगों का तेरहवीं कार्यक्रम एक साथ किया गया. गांव वालों का कहना है कि प्रशासन ने गांव में संक्रमण फैलने के बावजूद यहाँ सैनिटाइजेशन नहीं कराया.
25 दिन में एक परिवार के आठ लोगों की कोरोना से मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लखनऊ. कोरोना की दूसरी लहर का कहर एक परिवार पर ऐसा बरसा कि 25 दिन में 8 सदस्यों को ही निगल गया. लखनऊ के एक गांव में रहने वाले ओमकार यादव से कोरोना ने उनकी मां, चार भाई, दो बहनें और बड़ी मां को छीन लिया. 25 अप्रैल से 15 मई के बीच ये लोग एक-एक कर संक्रमण की चपेट में आते गए और कुछ ही दिनों में एक भरे पूरे परिवार से कोरोना ने उनकी सारी खुशियां छीन ली. सोमवार को 5 लोगों का एक साथ तेरहवीं संस्कार किया गया. जिसे देख पूरा गांव शोक में डूब गया.

ओमकार यादव बताते है कि उनका पूरा परिवार कोरोना की चपेट में धीरे-धीरे आता गया. सबसे पहले उनके भाई निरंकार यादव को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. वहीं घर पर मां की हालत बिगड़ रही थी. जिसके बाद सुबह मां की मौत हुई वहीं दोपहर तीन बजे भाई ने दम तोड़ दिया. इस बीच ससुराल से घर पर मां को देखने आई बहनों और बड़ी मां की तबीयत भी बिगड़ने लगी. बहनों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उनके पति उन्हें आकर ले गए.

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उन्होंने बताया कि इस दौरान तीन अन्य भाइयों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन उनकी भी मौत हो गई. दूसरी ओर बहनों को अस्पताल में जगह न मिलने के कारण उनकी भी मौत की खबर आ गई. वहीं बड़ी मां अपने बेटों की मौत बर्दाश्त नहीं कर पाई और दिल का दौरा पड़ने से उनका भी निधन हो गया. ओमकार कहते है कि उनके परिवार में हालात ऐसे हो गए थे कि भाई को भाई की मौत और बेटे को मां की मौत की खबर भी नहीं दी गई.

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25 दिनों के अंदर ही उनकी 82 वर्षीय मां कमला देवी, 56 वर्षीय मिथलेश कुमारी, 52 वर्षीय शैल कुमारी, 60 वर्षीय विनोद कुमार, 62 वर्षीय विजय कुमार, 50 वर्षीय निरंकार सिंह यादव और 85 वर्षीय रूपरानी की जान कोरोना ने ले ली. ओमकार यादव कहते है कि संक्रमण से ग्रसित उनके परिवार को प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली. यहाँ तक कि 8 मौतों के बावजूद प्रशासन और सरकार की तरफ से कोई देखने तक नहीं आया. गांव में फैले संक्रमण के बाद भी वहाँ प्रशासन ने सैनेटाइजेशन नहीं कराया.

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