14 साल की रेप पीड़िता के पक्ष में हाईकोर्ट, गर्भपात की अनुमति देकर कहा- नहीं तो खराब होगी मानसिक स्थिति

Shubham Bajpai, Last updated: Fri, 17th Sep 2021, 7:45 AM IST
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक 14 साल की रेप पीड़िता लड़की को गर्भपात की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने अनुमति देने के दौरान कहा कि 14 साल की बच्ची के लिए ये अनचाहा गर्भ है जो इस कम उम्र की लड़की के लिए शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के तौर पर काम करेगा. 
हाईकोर्ट ने दी 14 साल की रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति

लखनऊ. हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक 14 साल की रेप पीड़िता के गर्भपात को लेकर दायर याचिका में सुनवाई की. न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और सरोज यादव के कोर्ट में इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने गर्भावस्था को खत्म करने के आदेश दिए. पीड़िता की मां की ओर से दायर याचिका में सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला लिया. कोर्ट ने अपने आदेश के साथ कहा कि पीडि़ता के इलाज का जितना भी खर्च होगा वो राज्य सरकार वहन करेगी.

गर्भावस्था जारी रखना पीड़िता के लिए अनुचित

पीड़िता की मां ने दायर याचिका में कहा कि इतनी कम उम्र में पीड़िता द्वारा बच्चे को जन्म देने से उसका आने वाला जीवन और अधिक दयनीय हो जाएगा. जो गर्भ आज पीड़िता के है वो उसकी इच्छा के विरुद्ध एक भयानक कार्य की वजह से हुआ है और यदि इसे जारी रखा गया और फिर इससे जो बच्चे का जन्म होगा वो पीड़िता को जीवन भर उस घटना की याद दिलाएगा.

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भ्रूण के टिश्यू को रखें सुरक्षित

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गर्भ खत्म करने का आदेश इस शर्त पर दिया गया है कि मेडिकल बोर्ड को लड़की के जीवन और स्वास्थ्य को लेकर कोई खतरा नहीं है. वहीं, कोर्ट ने भ्रूण के टिश्यू सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि इस तरह संरक्षित टिश्यू को सुरक्षित कस्टडी में रखा जाएगा कि जब जांच अधिकारी इसके संबंध में अनुरोध करें तो वो उन्हें सौंप दिया जाए.

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याचिकाकर्ता की पहचान का न हो खुलासा

हाईकोर्ट ने ये भी निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता की पहचान का खुलासा नहीं किया जएगा और उसे सभी प्रासंगिक दस्तावेजों में एक्स के रूप में बताया जाएगा. साथ ही गर्भ समाप्त करने के साथ अन्य सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के खर्चे को भी राज्य सरकार ही वहन करेगा.

 

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