सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने बचाई कई की जान, मरते पिता को नहीं दिलवा सके एक बेड

Smart News Team, Last updated: Sun, 11th Apr 2021, 9:46 AM IST
  • गुरुवार को लखनऊ के सिविल अस्पताल के डॉ. दीपक के पिता की कोरोना से मौत हो गई. दीपक पिता के इलाज के लिए लगातार कोविड अस्पतालों से संपर्क कर रहे थे. लेकिन उन्हें कोविड अस्पताल के आईसीयू में एक बेड तक नहीं मिल सका. डॉ ने पिता का मौत का जिम्मेदार सिस्टम को ठहराया. उन्होंने कहा- मैंने बहुत लोगों का इलाज किया, लेकिन अपने पिता को नहीं बचा सका… सॉरी पापा.
सिविल अस्पताल के डॉ दीपक के पिता की इलाज के अभाव में कोरोना से मौत. ( सांकेतिक फोटो )

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दुखद घटना सामने आई है. जहां कोविड मरीज का इलाज करने वाला एक डॉक्टर अपने ही पिता की जान नहीं बचा सका. पिता की मौत के बाद डॉक्टर का दर्द सामने आया. डॉक्टर बुजुर्ग पिता के इलाज के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे कोविड अस्पताल में एक बेड तक नहीं मिला. इलाज के अभाव में पिता की मौत हो गई. पिता की मौत के बाद डॉक्टर दीपक ने कहा कि मैं सिस्टम से हार गया हूं. बता दें कि डॉ दीपक सिविल अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ हैं.

लखनऊ सिविल अस्पताल के डॉ दीपक कोविड मरीज को इलाज कर रहे थे. इलाज के दौरान दीपक कोरोना संक्रमित हो गए. कुछ दिनों बाद उनके परिवार के चार लोग भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए. जिसमें उनके 74 वर्षीय पिता अर्जुन चौधरी भी शामिल थे. पिता की तबीयत खराब होने के बाद डॉक्टर दीपक ने कोविड सेंटर से संपर्क किया. लेकिन कोविड जल्द ही भर्ती के बात कहकर टालते रहे. 6 अप्रैल की पिता हालत खराब होने के बाद दीपक ने बाजार से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आए.

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डॉ दीपक अपनी कार में ऑक्सीजन सपोर्ट पर पिता को लेकर लोकबंधु अस्पताल लेकर पहुंचे, पर उन्हे आईसीयू में बेड नहीं मिला. इसके बाद अगले दिन यानि सात अप्रैल को निजी मेडिकल कॉलेज में दोपहर 1:30 बजे बेड मिला सका. हांलाकि डॉक्टरों ने यहां भी इलाज में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. बुधवार को इलाज के अभाव में पिता की मौत हो गई.

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पिता की मौत के बाद डॉ दीपक का दर्द छलक गया. उन्होंने कहा... मैं खुद डॉक्टर हूं. सिविल अस्पताल में तैनात हूं. अब तक कई मरीजों की जान बचाई, पर जब खुद पर आई तो ध्वस्त सिस्टम से हार गया. अपने पिता तक को नहीं बचा पाया. बुजुर्ग पिता के इलाज के लिए गुहार लगाता रहा, पर समय पर बेड नहीं मिला. इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई। मैं सिस्टम से हार गया. आइ एम सॉरी पापा.

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