डिग्री कॉलेज में शिक्षकों की मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी, विश्वविद्यालय में तैनात पीएसी

Deepakshi Sharma, Last updated: Tue, 5th Oct 2021, 1:54 PM IST
  • लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ ने शिक्षकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए धरना प्रदर्शन किया है. शिक्षक सामूहिक छुट्टी लेकर इस प्रदर्शन में शामिल हुए. इतना ही नहीं विश्वविद्यालय परिसर में पीएसी भी तैनात की गई.
डिग्री कॉलेज शिक्षकों ने बजाया अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का बुगला

लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) ने स्थापना दिवस के मौके पर शिक्षकों की मांगों के साथ विश्वविद्यालय के गेट नंबर एक पर धरना प्रदर्शन किया. लुआक्टा से जुड़े सभी शिक्षक सामूहिक छुट्टी लेकर धरने में शामिल हुए. इस वजह से महाविद्यालयों में चलने वाली पढ़ाई भी प्रभावित हुई. शिक्षकों के धरने को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में पीएसी की भी तैनाती की गई. दोपहर 12 बजे तक लगभग दो दर्जन शिक्षक इस धरने का हिस्सा बने हैं. लुआक्टा की ओर से बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे के कारण किए गए रूट डायवर्जन की वजह से शिक्षकों को धरने में पंहुचने में देर हो रही हैं.

लुआक्टा अध्यक्ष डा. मनोज पाण्डेय ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि शिक्षकों की काफी वक्त से रुकी हुई मांगों के विषय में कई बार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री से लेकर उच्च अधिकारियों को बताया गया, लेकिन किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई. इन सबके बाद ही समस्याओं को हल करने के लिए चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने का फैसला लिया गया है. इसी के चलते फिलहाल इस वक्त धरना प्रदर्शन जारी है.

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जिन मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन हो रहा है उनमें स्ववित्तपोषित योजना के अन्तर्गत संचालित महाविद्यालयों को अनुदान सूची पर लिए जाने के साथ ही अधिवर्षिता आयु 65 वर्ष किए जाने, आकस्मिक अवकाश 8 से बढ़ाकर 14 किए जाने, अकास्मिक मृत्यु होने पर डेथ कम ग्रेच्युटी, दिवंगत शिक्षकों के परिवार को मृतक आश्रित सेवा योजन में तृतीय श्रेणी के स्थान पर योग्यातानुसार पद , विश्वविद्यालय की सभी कमेटियों में 80:20 के अनुपास से प्रतिनिधित्तव, समान पाठ्यक्रम के लिए समान परीक्षा शुल्क, लाइब्रेरियन के पदों पर नियुक्ति, ओरिएंटेशन और रिफ्रेशर में छूट 2018 के स्थान पर 2021 करने जैसी कई मांगे शामिल हैं.

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