कथक महागुरु पंडित बिरजू महाराज का निधन, आखिरी वक्त पर अंताक्षरी खेल रहे थे

Pallawi Kumari, Last updated: Mon, 17th Jan 2022, 9:50 AM IST
  • कत्थक महागुरु पंडित बिरजू महाराज का रविवार देर रात निधन हो गया. परिवार वालों ने बताया कि रात के खाने के बाद वह अंताक्षरी खेल रहे, तभी उन्हें दिल का दौरान पड़ा. वह 83 साल के थे. पंडित बिरजू महाराज का ताल्लुक नृतकों के महाराज परिवार से रहा है. वह लखनऊ के कालका बिंदादीन घराने से थे.
पंडित बिरजू महाराज (फोटो साभार-सोशल मीडिया)

कथक के सरजात नर्तक पंडित बिरजू महाराज का निधन हो गया. 83 साल के बिरजू महाराज की मौत हार्ट अटैक से हुई.  रविवार रात खाना खाने के बाद वह परिवार संग अंताक्षरी खेल रहे थे. तभी उनके सीने में दर्द हुआ और सांस लेने में समस्या होने लगी. इसके बाद परिवार वालों ने उन्हें दिल्ली के साकेत अस्पताल ले गए. लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके पोते स्वरांश मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस बारे में जानकारी दी. 

पंडित बिरजू महाराज की पोती रागिनी महाराज ने एएनआई को बताया कि, ‘पिछले एक महीने से उनका इलाज चल रहा था. रविवार रात सवा 12 से साढ़े 12 बजे के करीब अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई. हम इलाज के लिए 10 मिनट के भीतर ही उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन उनकी मौत हो गई.’

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पंडित बिरजू महाराज लखनऊ घराने से ताल्लुक रखते थे. वह लखनऊ के कालका बिंदादीन घराने से थे. पंडित बिरजू महाराज को नृत्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 1983 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. इसके साथ ही इन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिला है.

लखनऊ घराने से ताल्लुक रखने वाले बिरजू महाराज का जन्म 4 फरवरी 1938 को लखनऊ में हुआ था. इनका असली नाम पंडित बृजमोहन मिश्र था. कथक नर्तक होने के साथ ही ये शास्त्रीय गायक भी थे. बिरजू महाराज के पिता अच्छन महाराज, चाचा शंभु महाराज और लच्छू महाराज भी प्रसिद्ध कथक नर्तक थे.

बिरजू महाराज के निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर है. कई जानी मानी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ‘भारतीय नृत्य कला को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. उनका जाना संपूर्ण कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं.ओम शांति!’

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘पं. बिरजू महाराज ने अपनी कला और प्रतिभा से पूरी दुनिया मे देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया था. वे शास्त्रीय कथक नृत्य के लखनऊ कालिका-बिन्दादिन घराने के अग्रणी नर्तक थे. उनके निधन से कला जगत को हुई हानि की भरपाई होना कठिन है. मुख्यमंत्री जी ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए पं. बिरजू महाराज के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.’

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