लखनऊ: अगले बीस सालों में 10 लेन सड़कों की जरूरत, वाहनों की संख्या तिगुना होगी

Somya Sri, Last updated: Thu, 13th Jan 2022, 1:54 PM IST
  • ग्रीन कॉरिडोर के लिए कराए गए ट्रैफिक सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि अगले बीस सालों में राजधानी लखनऊ में वाहनों की संख्या तीन गुना बढ़ जाएगी. जिससे राजधानी में 8 से 10 लेन वाली सड़क की जरूरत पड़ेगी. भविष्य को देखते हुए सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए इनकी चौड़ाई का प्रस्ताव है.
लखनऊ: अगले बीस सालों में 10 लेन सड़कों की जरूरत, वाहनों की संख्या तिगुना होगी (प्रतिकात्मक फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी से एक चौकानें वाली खबर सामने आ रही है. ग्रीन कॉरिडोर के लिए कराए गए ट्रैफिक सर्वे में यह खुलासा हुआ है है कि अगले बीस सालों में राजधानी लखनऊ में वाहनों की संख्या तीन गुना बढ़ जाएगी. जिससे राजधानी में 8 से 10 लेन वाली सड़क की जरूरत पड़ेगी. साल 2041 तक लखनऊ में तीन गुना ज्यादा वाहन फर्राटा भरती नजर आएगी. जबकि इनके परिचालन के लिए राजधानी की कई सड़कों को 8 से 10 लेन में परिवर्तित करने की जरूरत पड़ेगी. यह सुझाव विशेषज्ञों ने यूपी सरकार को दिया है.

बता दें कि ग्रीन कॉरिडोर में दोनों ही ओर 4-4 लेन की सड़क बनाई जा रही है. इसके बन जाने से ट्रैफिक की समस्या कम होगी. वहीं गोमती नदी के किनारे बनने वाले ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 3000 करोड़ रुपए खर्च होंगे. पहले फेज के काम पर 752.10 करोड़ों रुपए खर्च होगा. इसके लिए एलडीए को बजट का इंतजाम करने को कहा गया है. एलडीए को पैसे जुटाने के लिए सरकारी जमीनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं.

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ग्रीन कॉरिडोर परियोजना आर्किटेक्ट और कंसल्टेंट अनुपम मित्तल ने कहा, " ग्रीन कॉरिडोर के लिए सर्वे कराया गया है. 2041 तक वाहनों की संख्या तीन गुना बढ़ जाएगी. भविष्य को देखते हुए सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए इनकी चौड़ाई का प्रस्ताव है. इसे एलडीए और यूपी सरकार को सौंप दिया गया है. शासन की ओर से मंजूरी मिलने के बाद चौड़ीकरण होगा."

मालूम हो कि एलडीए को सरकारी विभाग की जमीन चिन्हित करने को कहा गया था जो जमीन चिन्हित की जा रही है. जिस पर एलडीए व्यवसायिक हब डिवेलप करेगा और इसके बाद इसे लीज पर बेचेगा जाएगा. जिसके चलते एलडीए ने विश्वविद्यालय मार्ग पर स्थित पुलिस लाइन की लगभग 50 एकड़ जमीन चिन्हित की है यह जमीन पुलिस लाइन के उपयोग में नहीं है. वहीं जमीन मिलने के बाद एलडीए इस पर व्यवसायिक हाब विकसित करेगा. बाजार का विकास निधि कंपनी के सहयोग किया जाएगा. देश की जानी-मानी कंसलटेंट कंपनी का प्रस्ताव तैयार कर रही है. वहीं गृह विभाग से जमीन की मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना पर आगे काम होगा.

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