विधायक, सांसदों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों के लिए HC की विशेष बेंच का गठन

Smart News Team, Last updated: 06/10/2020 09:26 PM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति के आदेश पर पारित रोस्टर में न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ को अन्य आपराधिक रिट याचिकाओं के साथ-साथ सांसदों, विधायकों  से सम्बंधित रिट याचिकाओं व आपराधिक मामलों पर सुनवाई का विशेष क्षेत्राधिकार दिया गया है।
माननीयों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों के लिए विशेष बेंच का गठन

लखनऊ. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सांसदों, विधायकों व विधान परिषद सदस्यों के लिए दो विशेष बेंच को क्षेत्राधिकार दिया गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति के आदेश पर पारित रोस्टर में न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ को अन्य आपराधिक रिट याचिकाओं के साथ-साथ सांसदों, विधायकों व विधान परिषद सदस्यों से सम्बंधित रिट याचिकाओं व आपराधिक मामलों पर सुनवाई का विशेष क्षेत्राधिकार दिया गया है. वहीं न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की एकल सदस्यीय पीठ को जमानत सम्बंधी अन्य मामलों के साथ-साथ सांसदों, विधायकों व विधान परिषद सदस्यों से सम्बंधित मुकदमों का क्षेत्राधिकार दिया गया है. यह रोस्टर बुधवार से लागू होगा.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने बीते 16 सितंबर को एक आदेश जारी कर सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से कहा था कि वह एक सूची तैयार करें और बताएं कि वर्तमान में पदस्थ व पूर्व सांसद व विधायकों के खिलाफ कितने आपराधिक मामले उनके अधिकार क्षेत्र वाले राज्यों में लंबित हैं. 

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश वर्ष 2016 में दायर एक याचिका पर आया था जिसमें कहा गया था कि वर्तमान व पूर्व सांसदों व विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों के निपटारे में देरी की जाती है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए टिप्पणी की थी कि वर्तमान और पूर्व सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों के निपटारे में कोई खास सुधार नहीं आया है.

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