KGMU: गुर्दे की बीमारी की मिलेगी सटीक जानकारी, बायोप्सी बताएगा किडनी कितनी खराब है

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Thu, 2nd Dec 2021, 5:51 PM IST
  • लखनऊ केजीएमयू पैथोलॉजी विभाग का 109 वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया. इस दौरान डॉ. अरुणा वी वानीकर ने बताया कि गुर्दे की खराबी का सटीक पता लगाने में बायोप्सी जांच अहम है.
गुर्दे की बीमारी की सटीक मिलेगी जानकारी, बायोप्सी में पता चलेगा कितनी खराब किडनी

लखनऊ. गुर्दे की बीमारी का सटीक जानकारी बायोप्सी से लगाया जा सकता है. इसके बारे में गुजरात यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रांसप्लांटेशन साइंसेज की डॉ अरुणा वी वानीकर ने दी. उन्हीने बताया कि गुर्दे की बीमारी का सटीक पता लगाने में बायोप्सी जांच अहम है. साथ ही अरुणा ने यह भी बताया कि किडनी की बीमारी की सटीक जानकारी के लिए बायोप्सी जांच बेहद कारगर भी है. जिससे किडनी की स्थिति का सटीक पता चलता है. डॉ अरुणा ने यह जानकारी लखनऊ के केजीएमयू पैथोलॉजी विभाग के स्थापना दिवस के दौरान संबोधित करते हुए बताया. 

केजीएमयू पैथोलॉजी विभाग का 109वां स्थापना दिवस गुरुवार को मनाया गया. जिसे सेल्बी हॉल में मनाया गया. इस कार्यक्रम में कई डॉक्टर शामिल हुए. जिसमें डॉ अरुणा भी पहुंची थी. जिन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गुर्दे की बीमारी तेजी से बढ़ रही है. कम उम्र के लोगों का भी गुर्दा फेल हो रहा है. कई बार किडनी की बीमारी का पता समय पर नहीं चल पाता है. जिससे उनकी किडनी धीरे-धीरे खराब हो जाती है. ऐसे में मरीज की डायलिसिस या फिर किडनी प्रत्यारोपण ही विकल्प बचता है. 

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डॉ अरुणा ने कहा कि शरीर में किडनी की अहम भूमिका होती है. इससे ब्लड प्रेशर और हीमोग्लोबिन काम करता है. इसमें गड़बड़ी से मरीज को कई तरह की दिक्कतें होनी लगती है. किडनी की शुरुआती बीमारी में मरीज की सांस फूलने, सिर में दर्द जैसी समस्या होने लगती है. जब धीरे-धीरे समस्या गम्भीर हो जाती है तो किडनी की कार्यक्षमता घटने लगती है. किडनी की इस बीमारी को क्रॉनिक किडनी डिसीज कहते है. इससे किडनी पूरी तरह से फेल हो जाती है. उन्होंने बताया कि बायोप्सी से बीमारी के कारणों का पता लगाने में मदद मिलती है.

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