अब लखनऊ में बड़ा टाइगर सफारी, कुकरैल में 22 बाघ, 25 तेंदुआ लाने का प्लान

Smart News Team, Last updated: 11/06/2021 11:18 AM IST
  • कुकरैल पिकनिक स्पॉट पर अब टाइगर सफारी और रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा. जिसके लिए सरकार से 200 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है. इस क्षेत्र को दर्शकों के लिए हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा.
कुकरैल पिकनिक स्पॉट बनेगा टाइगर सफारी और रिसर्च सेंटर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लखनऊ. कुकरैल पिकनिक स्पॉट को दर्शकों के लिए हमेशा के लिए बंद करके अब रिसर्च सेंटर और टाइगर सफारी बनाया जाएगा. यहाx होली के मौके पर अंतिम बार 31 मार्च 2021 को 487 दर्शक घूमने आए थे. जिसके बाद कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए दर्शकों के आने पर रोक लगा दी गई. लेकिन अब कुकरैल पिकनिक स्पॉट को हमेशा के लिए दर्शकों के लिए बंद करके इसे नए सिरे से विकसित करने की तैयारी है. जिसके लिए सरकार से 200 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है.

कुकरैल संरक्षित क्षेत्र को 1978 में बनाया गया था. 10 एकड़ में फैला यह क्षेत्र शुरुआत में सिर्फ घड़ियाल प्रजनन केंद्र था. जिसके बाद 1989 में पिकनिक फिल्म आने के बाद इसका नाम कुकरैल पिकनिक स्पॉट रखकर इसे दर्शकों के लिए खोल दिया गया. यह देश का पहला सफल प्रजनन केंद्र है जहां घड़ियाल और कछुए के अंडे लाकर बच्चे पैदा किए जाते है. जिन्हें तीन साल तक पाला जाता है. इसके बाद नदियों में छोड़ दिया जाता है. अब इस जगह को रिसर्च सेंटर बनाकर वन्य जीवों पर शोध किया जाएगा.

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डीएफओ रवि कुमार ने बताया कि इटावा की लॉयन सफारी की तर्ज पर कुकरैल पिकनिक स्पॉट को विकसित किया जाएगा. इसके लिए डीपीआर बन गया है. सरकार से इसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है. यहां 22 बाघ, 30 हिरण, 25 लेपर्ड और 15 भालू लाए जाएंगे. इस क्षेत्र पर बायोडायवर्सिटी पार्क बनाया जाएगा. जिसमें लुप्त जीव जंतु और दुलर्भ प्रजाति के पक्षियों को रखा जाएगा. यहां दर्शकों के घूमने के लिए 11 पिकअप प्वाइंट बनाए जाएंगे. आने वाले समय में यहाँ दर्शकों को बस से घूमाने की योजना बनाई जा रही है.

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