आयुर्वेद में भी है डायबिटीज का इलाज ,ट्राय करके देखें बहुत जल्दी शुगर हो जाएगी कंट्रोल

Sumit Rajak, Last updated: Sat, 12th Feb 2022, 8:16 AM IST
  • बेकाबू डायबिटीज अब आसानी से काबू में आ सकती है. आयुर्वेदिक दवा व जीवन शैली में बदलाव से डायबिटीज से मुकाबला किया जा सकता है. यह दावा है लोहिया संस्थान में तैनात आयुर्वेद विशेषज्ञ का. डॉक्टर का दावा है कि टाइप वन डायबिटीज मरीजों को इंसुलिन के इंजेक्शन से भी निजात मिल गई है.
फाइल फोटो

लखनऊ. बेकाबू डायबिटीज अब आसानी से काबू में आ सकती है. आयुर्वेदिक दवा व जीवन शैली में बदलाव से डायबिटीज से मुकाबला किया जा सकता है. यह दावा है लोहिया संस्थान में तैनात आयुर्वेद विशेषज्ञ का. डॉक्टर का दावा है कि टाइप वन डायबिटीज मरीजों को इंसुलिन के इंजेक्शन से भी निजात मिल गई है. लोहिया संस्थान में आयुर्वेदिक विभाग की ओपीडी में 100 डायबिटीज पीड़ितों का इलाज किया गया. इन मरीजों की उम्र 30 से 55 साल के बीच है. विभाग के डॉ. एस के पांडे के अनुसार कोविड के बाद जिसे डायबिटीज मरीजों की संख्या तेजी से बड़ी है.

जिन लोगों को पहले से डायबिटीज थी, उनका शुगर का स्तर में इजाफा हो गया है जो कि बेकाबू है. बहुत से ऐसे लोग हैं जिनको शुगर नहीं थी लेकिन कोविड के बाद हो गई है. काफी मरीज इंसुलिन लेने के बाद उनका शुगर का स्तर सामान्य नहीं हो पा रहा है. ऐसे मरीजों के लिए आयुर्वेद आशा की नई किरण लेकर आया है. आयुर्वेद में उनके लिए काफी उम्मीदें हैं.

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मर्ज पर काम करती है दवाई 

आयुर्वेदिक की खास दवाएं सीधे शुगर के होने की मूल कारण पर काम करती है. डॉ पांडे ने दावा किया है कि टाइप वन डायबिटीज का मरीज चाहे वो छोटा बच्चा हो या कोई बड़ा उसकी भी इंसुलिन छूट जाती है. वहीं टाइप टू डायबिटीज होने का सबसे बड़ा मूल कारण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता है. उसका समाधान आयुर्वेद में है.

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