लखनऊ नगर निगम के चार हजार कर्मचारियों का डाटा ऑनलाइन, फर्जीवाड़ा रोकने की तैयारी

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Aug 2021, 10:31 AM IST
  • लखनऊ नगर निगम ने अपने सभी चार हजार नियमित कर्मचारियों का ब्योरा एक फॉर्मेट में तैयार कर रही है. पूरा होने के सभी काम करने वाले का डाटा ऑनलाइन हो जाएगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा क्योंकि कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद भी उनकी सेवा बुक तैयार नहीं हो पाती. उन्हें अपने काम के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं.
लखनऊ नगर निगम भवन

लखनऊ. लखनऊ नगर निगम ने अपने सभी चार हजार नियमित कर्मचारियों का ब्योरा एक फॉर्मेट में तैयार कर रही है. पूरा होने के सभी काम करने वाले का डाटा ऑनलाइन हो जाएगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा क्योंकि कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद भी उनकी सेवा बुक तैयार नहीं हो पाती. उन्हें अपने काम के लिए हर रोज चक्कर लगाने पड़ते हैं. 

जब कर्मचारी के सेवाकाल के समय निधन होता तो उनके वारिस को लेकर काफी विवाद होता है. कागज़ों में वारिस का नाम न होने पर दो-दो पत्नियां नौकरी और अन्य पैसों के भुगतान के लिए दावा करती है.

सभी कर्मचारियों का डाटा तैयार होते ही ऑनलाइन हो जायेगा  जिसे कि फिर कोई भी देख सकता सकेगा. डाटा जल्दी तैयार हो इसके लिए कर्मचारियों से नौकरी की शुरुआत से लेकर अभी तक सबका ब्यौरा भरवाया जा रहा है. नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने कहा कि कई पेज के इस फॉर्मेट में नियमित कर्मचारियों का ब्योरा भरवाकर स्थानीय निकाय के पोर्टल पर डाटा उपलब्ध रहेगा.

जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले कई बार फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है. किसी का काम चापरासी का है लेकिन वह काम कोई दूसरा कर रहा है. कर्मचारी अपने पद के विपरित काम रहे हैं. नोटिंग तक पर हस्ताक्षर करे जा रहे हैं. यह खेल‌ नगर निगम में सालों से चल रहा है. डाटा तैयार होने के कारण इसको रोका जा सकेगा.

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