PGI फैकल्टी फोरम का डॉक्टरों के रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने पर विरोध, कहा- युवाओं...

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Sun, 19th Sep 2021, 11:54 PM IST
  • लखनऊ पीजीआई फैकल्टी फोरम ने डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 से बढ़ाकर 70 किए जाने के मुद्दे का विरोध किया है. साथ ही यह भी कहा कि इस व्यवस्था से युवा और योग्य डॉक्टरों का हक मारा जाएगा. तो दूसरी तरफ डॉक्टरों के सेवानिवृत्त उम्र को बढ़ाए जाने का समर्थन किया है.
PGI फैकल्टी फोरम का डॉक्टरों का रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने पर विरोध, कहा- युवा और योग्य चिकित्सकों का हक मारा जाएगा

लखनऊ. चिकित्सा संस्थाओं और मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र को बढ़ाने पर प्रदेश सरकार विचार कर रही है. जिसे बढ़ाकर 65 से 70 किए जाने पर.विचार हो रहा है. डॉक्टरों के सेवानिवृत्त की उम्र बढ़ाए जाने के मुद्दे का विरोध किया जा रहा है. जबकि कुछ डॉक्टर इसका समर्थन कर रहे है. वहीं पीजीआई फैकल्टी फोरम भी डॉक्टरों के रिटायरमेंट उम्र को बढ़ाए जाने के विरोध में है. साथ ही वह जल्द इस मुद्दे पर जीबीएम करने जा रही है. साथ ही फैकल्टी फोरम के सचिव डॉ संदीप साहू ने कहा कि डॉक्टरों का रिटायरमेंट उनके मानसिक और शारिरिक का आकलन करके होना चाहिए. 

इसके साथ ही इस मुद्दे पर डॉ साहू का कहना है कि बढ़ती उम्र के चलते डॉक्टर शारिरिक और मानसिक रूप से मरीजों की देखभाल में सक्षम नहीं होंगें. वहीं पीजीआई में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ आकाश माथुर और डॉ अनिल गंगवार का कहना हैं कि 70 साल की व्यवस्था लागू होने से युवा और योग्य डॉक्टरों का हक मारा जाएगा. साथ ही कहा कि सरकार को चाहिए कि वह युवल डॉक्टरों को मौका दे. खाली पदो पर इनकी नियुक्ति की जाए. 

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साथ ही केजीएमयू फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ केके सिंह ने सेवानिवृत्त की उम्र 70 साल किए जाने के पक्ष में बयान दिया. उन्हीने कहा कि विरोध वहीं डॉक्टर कर रहे हैं, जिन्हें विभागाध्यक्ष बनने में अधिक समय लगेगा. साथ ही यह भी कहा कि इससे और किसी संकाय सदस्य को कोई नुकसान नहीं है. वहीं उन्होंने आगे कहा कि सरकार को डॉक्टरों के कार्य और व्यवहार का मूल्यांकन भी करना चाहिए.

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