लखनऊः भूमाफिया दिलीप सिंह बाफिला की 48 करोड़ रुपये की संपत्ति होगी जब्त

Sumit Rajak, Last updated: Thu, 30th Dec 2021, 8:52 AM IST
  • द-हिमालयन सहकारी आवास समिति और बहुजन निर्मल वर्ग सहकारी निर्माण समिति बनाकर भू माफिया दिलीप सिंह बाफिला ने भतीजे प्रवीण सिंह के साथ मिलकर करोड़ों रुपया हड़प चुका है.दिलीप सिंह की 48 करोड़ 22 लाख 48 हजार और प्रवीण सिंह बाफिला की 9 लाख 73 हजार रुपए की संपत्ति कुर्क होगी.
भूमाफिया दिलीप सिंह बाफिला (फाइल फोटो)

 लखनऊ. द-हिमालयन सहकारी आवास समिति और बहुजन निर्मल वर्ग सहकारी निर्माण समिति बनाकर भू माफिया दिलीप सिंह बाफिला ने भतीजे प्रवीण सिंह के साथ मिलकर करोड़ों रुपया हड़प चुका है. जालसाजों ने पार्क से लेकर सड़क के लिए चिन्हित जमीन सोसाइटी की होने का दावा कर बेच दी थी. भू-माफिया दिलीप सिंह के खिलाफ गोमतीनगर और गोमतीनगर विस्तार में दस और प्रवीण के खिलाफ गोमती नगर विस्तार में चार मुकदमे दर्ज है. गोमती नगर विस्तार थाने से भू-माफिया की संपत्ति कुर्क करने के लिए अनुमति मांगी गई थी. इस पर बुधवार को जेसीपी कानून एवं व्यवस्था पीयूष मीर्डिया ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है. दिलीप सिंह की 48 करोड़ 22 लाख 48 हजार और प्रवीण सिंह बाफिला की 9 लाख 73 हजार रुपए की संपत्ति कुर्क होगी.

 एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के अनुसार बाफिला मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है. 35 वर्ष पूर्व वह लखनऊ आया था.वह सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के तौर पर भर्ती हो गया था. दिलीप सिंह ने जमीन की खरीद-फरोख्त का काम शुरू कर दिया था. इस धंधे में उसे कम वक्त में अच्छा मुनाफा होने लगा. दिलीप सिंह ने कर्मचारियों से भी सम्पर्क बना लिए.  जिनकी मदद से वह सरकारी जमीनों की जानकारी हासिल कर लेता था. एसीपी के मुताबिक गोमतीनगर योजना शुरू होने के वक्त उसने जमीनों को सोसाइटी का होने का दावा कर बेच दी थीं. 

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15 साल पूर्व दिलीप सिंह का भतीजा प्रवीण सिंह बाफिला भी लखनऊ आकर जमीन के धंधे में जुड़ गया था. द हिमालयन सोसाइटी में दिलीप सिंह और बहुजन निर्बल वर्ग में प्रवीण सिंह अध्यक्ष बन गया था. दोनों ने पार्क और सड़क के लिए चिह्नित की गई जमीनों को बेच दिया. एसीपी के मुताबिक बाफिला को फरवरी में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. 25 अक्टूबर को बाफिला को छह महीने के लिए जिला बदर किया गया था. इसके बाद भी भूमाफिया ने विरामखंड निवासी वीरेंद्र सिंह को मखदूमपुर में जमीन बेच दी थी.  इसी तरह गोरखपुर निवासी निर्मला देवी को भी जमीन बेची गई थी. जिसकी शिकायत पीड़ितों ने की थी.

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