PGI में जल्द शुरू होगा दूसरे रोबोट से ऑपरेशन, मरीजों को मिलने वाली है बड़ी राहत

Ruchi Sharma, Last updated: Fri, 11th Feb 2022, 3:49 PM IST
  • लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ गई है. अस्पताल में सौ से ज्यादा मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं. दूसरे रोबोट की खरीदारी की तैयारी शुरू कर दी गई है.
PGI में जल्द शुरू होगा दूसरे रोबोट से ऑपरेशन

लखनऊ. दुनिया में लम्‍बे समय से रोबोटिक सर्जरी की जा रही हैं. इसी क्रम में अब उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ गई है. अस्पताल में सौ से ज्यादा मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं. दूसरे रोबोट की खरीदारी की तैयारी शुरू कर दी गई है. मई में दूसरे रोबोट से ऑपरेशन शुरू होंगे. इसके लिए ऑपरेशन थियेटर बनकर तैयार है. वहीं पांच डॉक्टर कोच्चि से प्रशिक्षण ले चुके हैं.

पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन का कहना है कि संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ गई है. एक रोबोट से ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं. डॉ. आरके धीमन बताते हैं कि हाल में छह डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण केरल के कोच्चि से लिये हैं. इनमें पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. बसंत कुमार व डॉ. अंकुर मंडेलिया, गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. राजन सक्सेना डॉ. आशीष कुमार इसके अलावा इंडो क्राइन सर्जरी विभाग के डॉ. ज्ञान चन्द प्रशिक्षण ले चुके हैं. डॉ. ज्ञान पीजीआई के पहले डॉक्टर हैं जो यूपी में पहली बार कोरिया से रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण ले चुके हैं लेकिन उन्हें अभी तक ऑपरेशन का मौका नहीं मिला है.

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सौ से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी के इंतजार में

संस्थान निदेशक डॉ. आरके धीमन बताते हैं कि 100 से ज्यादा मरीज रोबोटिक सर्जरी के इंतजार में हैं. इनमें दिल, थायराइड ट्यूमर, पेट के ट्यूमर, गाँठ, प्रोस्टेट, गुर्दा व गॉल ब्लैडर पथरी और गुर्दा प्रत्यारोपण शामिल है.

150 ऑपरेशन हो चुके हैं

पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन बताते हैं कि गैस्ट्रो सर्जरी, सीवीटीएस, इंडोक्राइन सर्जरी, यूरोलॉजी विभाग के करीब 150 ऑपरेशन हो चुके हैं. अब पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के ऑपरेशन इसी माह से शुरू होंगे.

बता दें कि लखनऊ में पिछले साल एक 42 साल की महिला का रोबोट के माध्यम से सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट किया गया. इसके साथ ही लखनऊ का पीजीआई रोबोट के जरिए सफल किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला यूपी का पहला अस्पताल बन गया. नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के डॉक्टर ने मिलकर किडनी का सफल ट्रांसप्लांट किया.

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