NEET, JEE परीक्षा पर BJP के खिलाफ अखिलेश यादव- जान के बदले एग्जाम नहीं चलेगा

Smart News Team, Last updated: 27/08/2020 08:23 PM IST
  • देश में NEET और JEE परीक्षाओं को लेकर हो रहे विरोध में अपना स्वर मुखर करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी के नाम खुला पत्र लिखा है.
NEET और JEE परीक्षा कराए जाने के विरोध में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी के नाम खुला पत्र लिखा है.

लखनऊ. देश भर में NEET और JEE परिक्षाओं को ना कराए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन के बीच सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस मामले में बीजेपी के नाम एक खुला पत्र लिखा है. अखिलेश यादव ने अपने खुले पत्र में लिखा है कि अगर दंभी भाजपा को लगता है कि परीक्षार्थी और अभिभावकों की लोकप्रिय मांग पर वो जानलेवा एग्जाम करवा रही है तो केंद्रों के बाहर और अपने कैबिनेट मंत्री, सांसद और विधायक तैनात करें जहां पर कोई भी नियम कानून और एसओपी नहीं होगा साथ ही विद्यार्थियों के आने-जाने, खाने-पिने का प्रबंध वैसे ही करें जैसे वह विधायकों के खरीद-फरोख्त का करती है.

सपा कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर लखनऊ में परीक्षा के आयोजन के खिलाफ धरना भी दिया था जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. अखिलेश यादव ने एसपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज का वीडियो शेयर करके इसकी निंदा की है.

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अखिलेश यादव पत्र में बीजेपी पर हमलावर होते हुए कहते हैं कि भाजपा की तरफ से यह हास्यास्पद और तर्कहीन बात फैलाई जा रही है कि जब लोग दूसरे कामों से के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं तो परीक्षा क्यों नहीं दे सकते. भाजपा सत्ता के मद में यह भूल चुकी है कि लोग मजबूरी में निकल रहे हैं और जो लोग घर पर रह कर अपना बचाव करना चाहते हैं, आपकी सरकार परीक्षा के नाम पर उन्हें बाहर निकलने के लिए बाध्य कर रही है. ऐसे में अगर किसी परीक्षार्थी, उनके संग आए अभिभावक या घर लौटने के बाद उनके संपर्क में आए घर के बुजुर्गों को संक्रमण हो गया तो उसकी किमत क्या यह सरकार चुकाएगी.

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अपने पत्र में आगे अखिलेश यादव कहते हैं कि कोरोना और बाढ़ में जबकि बस ट्रेन बाधित है तो बच्चे दूर-दूर से कैसे आएंगे न तो हर एक की सामर्थ टैक्सी करने की और ना ही हर शहर में इतनी टैक्सियां हैं. भाजपा के प्रवक्ता तो यह तर्क भी दे रहे हैं कि गरीब तो जैसे पहले प्रबंध करता है वैसे अभी करेगा. दुर्भाग्यपूर्ण अर्थव्यवस्था के ज्ञाता यह प्रवक्ता यह भूल गए कि संक्रमण की आपदा काल में परिवहन, खाने ठहरने की सेवाएं अति सीमित हैं. मतलब मांग के अनुपात में नगण्य होने पर सब सेवाएं बहुत अधिक दाम में मिलेंगी. ऐसे में गरीब ग्रामीण ही नहीं बल्कि वह मां-बाप भी पैसा कहां से लाएंगे जिनका रोजगार कोरोना व बाढ़ ने छीन लिया है. 

इस तरह अखिलेश यादव ने कई बातें लिखकर बीजेपी पर NEET और JEE परीक्षाओं को कराने को लेकर निशाना साधा.

 

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