लखनऊ: पॉस्को एक्ट के तहत जेल में बंद पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को जमानत

Smart News Team, Last updated: 04/09/2020 04:09 PM IST
  • लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति ने कोरोना वायरस से संक्रमण का खतरा बता कर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने याचिका मंजूर कर ली है.
पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति

लखनऊ. कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर दायर याचिका में रेप के मामले में जेल में बंद सपा सरकार में पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की लखनऊ बेंच ने दो महीने की अंतरिम जमानत दे दी है. गायत्री प्रसाद प्रजापित लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं और उन्होंने कोरोना संक्रमण का हवाला देकर जमानत याचिका दायर की थी.

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लखनऊ बेंच में दी गई जमानत याचिका में पूर्व सपा मंत्री ने दलील दी थी कि वे जिस वार्ड में भर्ती हैं, वहां से कोरोना वार्ड ज्यादा दूर नहीं है. उन्होंने कहा था कि उनको कोरोना इंफेक्शन का खतरा है. ऐसे में, उन्हें अपने बेहतर इलाज करवाने के लिए जमानत दी जाए. इस पर हाईकोर्ट ने केजीएमयू से पूछा था कि क्या गायत्री को केजीएमयू में कोरोना इंफेक्शन का खतरा है? इसके जवाब में हाईकोर्ट में केजीएमयू की ओर से दाखिल रिपोर्ट में कहा था कि हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज होता है. इसलिए यहां भर्ती मरीजों या आने-जाने वाले किसी भी मरीज को कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक है.

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बताया जा रहा है कि गैंगरेप आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति का करीब नौ महीने से लखनऊ केजीएमयू के प्राइवेट रूम में इलाज चल रहा है. इस दौरान इलाज के नाम पर उनकी मौज कट रही थी. हॉस्पिटल से डिस्चार्ज के बाद भी वह जेल जाने को बिल्कुल तैयार नहीं था. इस दौरान हंगामा भी शुरू हुआ तब परिजनों ने बवाल काटा था. मामले में गायत्री और उनके समर्थकों ने करीब पांच घंटे ड्रामा किया था. इसके बाद वजीरगंज पुलिस गायत्री को जबरन उठाकर जेल ले गई थी. रात में जेल पहुंचे गायत्री ने जेल में भी बहुत हंगामा किया था लेकिन जेल प्रशासन ने उसे बैरक में बंद करा दिया था.

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बता दें कि 18 जुलाई, 2017 को लखनऊ में पॉक्सो की विशेष अदालत ने गायत्री समेत सभी सात अभियुक्तों पर आईपीसी की धारा 376डी, 354 ए(1), 509, 504 व 506 में आरोप तय किया था. इसके साथ ही गायत्री, विकास, आशीष और अशोक के खिलाफ पॉक्सो ऐक्ट की धारा 5जी/6 के तहत भी आरोप तय किया गया था.

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