महोबा के पूर्व SP के खिलाफ दर्ज केस और कारोबारी की मौत की जांच के लिए SIT गठित

Smart News Team, Last updated: 15/09/2020 08:29 AM IST
  • कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी माैत की जांच और उनके द्वारा लगाया गए महोबा के पूर्व एसपी पर रिश्वत मांगने और जानलेवा हमले के केस की जांच के लिए लखनऊ में एसआईटी का गठन किया गया है.
SIT

लखनऊ. रविवार को कानपुर के अस्पताल में क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के माैत के मामले में पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी ने एसआईटी का गठन किया है. जानकारी के अनुसार महोबा के निलंबित किए गए एसपी लालमणि पाटीदार के खिलाफ हत्या की साजिश के मामले में दर्ज मुकदमे को अब हत्या में बदल दिया गया है. 

पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी ने बताया है कि तत्कालीन एसपी लालमणि पाटीदार के खिलाफ रिश्वत मांगने और जानलेवा हमले के मुकदमों की जांच की जिम्मेदारी एसआईटी को दिया गया है. साथ ही एसआईटी महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के मौत के कारणों की जांच भी करेगी. बताया जा रहा है कि एसआईटी को इस मामले की जांच करके अपनी रिपोर्ट सात दिन में सौंपनी है.

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मिली जानकारी के अनुसार क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के मामले में गठित एसआईटी के अध्यक्ष वाराणसी रेंज के आईजी विजय सिंह मीणा होंगे. इनके अलावा डीआईजी शलभ माथुर और एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी एसआईटी के सदस्य के रुप में होंगे. 

बता दें कि कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने 8 सितंबर को (गोली मारे जाने से दो दिन पहले) उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करके तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार और थानेदारों के खिलाफ 6 लाख रुपये रिश्वत मांगने आरोप लगाया था. उन्होंने वीडियो में यह भी कहा था कि 6 लाख रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी मिली है. बताया जा रहा है कि एसआईटी जांच मामले की जांच इस बिंदु पर भी करेगी कि क्या महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत को गोली मारे जाने में महोबा के एसपी की भूमिका थी या नहीं. 

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बीते दिन रविवार को क्रशर कारोबारी के परिजनों ने अंतिम संस्कार से करने से इनकार कर दिया था.  परिजन अंतिम संस्कार करने से पहले आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए थे. अधिकारियों ने काफी समझाया तब जाकर परिजनों ने अंतिम संस्‍कार किया. भारी सुरक्षा के बीच कारोबारी की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए थे. अंतिम यात्रा के दौरान जिले के कई अधिकारी भी वहां मौजूद थे. 

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