सोशल मीडिया पर शिक्षक कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन को चुनावी मुद्दा बनाने की उठाई मांग

Somya Sri, Last updated: Mon, 17th Jan 2022, 10:58 AM IST
  • शिक्षक कर्मचारियों ने सोशल मीडिया को हथियार बनाकर पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाने की मांग उठाई है. शिक्षक कर्मचारियों ने राजनीतिक दलों से इसे अपने घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग उठाई है. उनका कहना है कि जब किसी भी राजनीतिक दल की सरकार बनेगी तो वह पुरानी पेंशन को बहाल करवाएं.
शिक्षक कर्मचारियों ने उठाई पुरानी पेंशन बहाली की मांग (प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ: पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. अब जल्द ही चुनाव की शुरुआत होगी. इस बीच शिक्षक कर्मचारियों ने सोशल मीडिया को हथियार बनाकर पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाने की मांग उठाई है. शिक्षक कर्मचारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक दलों को पुरानी पेंशन बहाली को चुनावी मुद्दा बनाने और अपने घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग उठाई. उनका कहना है कि जब किसी भी राजनीतिक दल की सरकार बनेगी तो वह पुरानी पेंशन को बहाल करवाएं. इस बाबत शिक्षक कर्मचारियों ने रविवार को ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अटेवा पेंशन बचाओ मंच के द्वारा एक अभियान चलाया. जिसमें उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई.

अटेवा पेंशन बचाओ मंच उप्र के प्रदेश मीडिया प्रभारी डा. राजेश कुमार ने बताया, " अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष व एमएनओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के आह्वान पर 16 जनवरी को दोपहर दो बजे लेकर शाम पांच बजे तक कर्मचारियों, शिक्षकों, अधिकारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए सोशल मीडिया में ट्विटर पर वोट फॉर ओपीएस अभियान चलाया. इस अभियान में देश व उत्तर प्रदेश के शिक्षक कर्मचारियो ने भाग लिया. जिससे यह हैश टैग लगातार ट्रेंड में बना रहा. ट्विटर अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री व राज्यों के मुख्यमंत्रियो से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की गय. चुनाव को ध्यान में रखते हुए विभिन्न दलों के प्रमुख नेतागणों से पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को घोषणा पत्र में रखने व प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की भी अपील ट्विटर अभियान के माध्यम से की गई."

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एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया, " पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई है. उत्तर प्रदेश सहित देश के लाखों-लाख पेंशन विहीन शिक्षक कर्मचारियों ने ट्विटर अभियान के माध्यम से अपनी एकता का प्रदर्शन किया है. पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर सभी कर्मचारी एकजुट है. इनको नजरअंदाज करना सभी दलों को भारी पड़ेगा. इसलिए अटेवा और एनएमओपीएस यह मांग करता है कि शिक्षक, कर्मचारियों के इस मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में रखकर इसे प्रमुख मुद्दा बनाएं और सरकार बनने पर इसे लागू करें."

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