ऑक्सीजन टैंकर खाली करना अफसरों के लिए बना मुसीबत! फिर ऐसे हुए अनलोड, जानें मामला

Smart News Team, Last updated: Fri, 7th May 2021, 9:54 PM IST
  • लखनऊ में दूसरे राज्यों से आए ऑक्सीजन टैंकरों व कैप्सूल को खाली कराने का तरीका ही अफसर भूल गए थे. जिसके बाद एक युवा इंजीनियर ने दोनों टैंकरों के पास जाकर उनकी क्षमताओं का आकलन करके समस्या का पता किया. जिसके बाद कुछ ही घंटे में क्रायोजेनिक टैंकरों और कैप्सूल को अनलोड करा दिया.
अफसर भूले कैप्सूल से ऑक्सीजन निकालना, इस युवक ने कराए कुछ ही देर में टैंकर अनलोड

लखनऊ. राजधानी लखनऊ में दूसरे राज्यों से आए 73 मीट्रिक टन ऑक्सीजन टैंकरों एवं कैप्सूल को खाली कराने में आला अफसरों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी. अफसर कैप्सूल से ऑक्सीजन निकालने की साइंस ही भूल गए. आला अफसर टैंकर अनलोड कराने के लिए उपकरण ढूंढवाते रहे. वहीं कुछ स्थानीय मैकेनिक भी अपना जुगाड़ ढूढ़ने में जुटे रहे. जिसके बाद एक युवा इंजीनियर रोहन ने टैंकरों के पास जाकर क्षमताओं का आकलन किया, जिसके बाद असली समस्या सामने आई. रोहन ने कुछ घंटों में ही क्रायोजेनिक टैंकरों और कैप्सूल से ऑक्सीजन खाली करवा ली.

युवा इंजीनियर रोहन कपूरथला के पास चांदगंज में फायर व गैसेज का कार्य करते हैं. रोहन ने बताया कि जिस फर्म से ऑक्सीजन सिलेंडर भिजवाए गए थे, वहाँ से उनको फोन आया था. जिसके बाद वे रेलवे स्टेशन पर गए. जहां पर वैगन खड़े थे. जिसे अनलोड करने के लिए बड़ी संख्या में विभागीय इंजीनियर से लेकर अफसरों ने उसे घेरा हुआ था. इसके अलावा वहाँ कुछ स्थानीय मैकेनिक भी समाधान निकालने के जुगाड़ में लगे हुए थे. जिसके बाद रोहन ने दोनों टैंकरो की क्षमताओं का आंकलन किया. जिससे पता चला कि प्रेशर बराबर नहीं मिलने के कारण ऑक्सीजन अनलोड नहीं हो पा रही थी.

लखनऊ में एंबुलेंस के रेट तय, कोरोना मरीज से नहीं वसूले जाएंगे मनमाने पैसे

जानकारी के अनुसार जो क्रायोजेनिक टैंकर चारबाग यार्ड में खड़े थे, वे आकार में छोटे थे. जबकि जिन टैंकरों में गैस भरी जानी थे, वे काफी बड़े थे. छोटे से बड़े टैंकरों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए छोटे टैंकर का दबाव ज्यादा होना चाहिए. लेकिन बड़े टैंकर का दबाव उसके आकार के अनुसार अधिक था. जिस कारण उसमें गैस भर नहीं रही थी. जिसके बाद क्रायोजेनिक टैंकरों का प्रेशर बढ़ाने के लिए उसमें लगे वेपराइजर को चालू किया गया. साथ ही रोड टैंकर का भी प्रेशर कम किया गया. जिससे प्रेशर का संतुलन ठीक हुआ और ऑक्सीजन गैस तेजी से दूसरे टैंकरों में अनलोड होने लगी.

UP में बीमार, दिव्यांग और गर्भवती कर्मचारी को वर्क फ्राॅम होम की सुविधा: CM योगी

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें