लखनऊः शहरों के पार्क और प्राचीन मंदिरों पर पर्यटन महकमा मेहरबान, लोगों को लुभा रहे ये ठिकाने

Sumit Rajak, Last updated: Tue, 25th Jan 2022, 9:46 AM IST
  • कोरोना काल के बाद जब हालत वापस सामान्य हुए तो शहर के पार्कों में खूब भीड़ उमड़ी. भूलभुलैया, हजरतगंज और इमामबाड़े से इतर पार्क लोगों की नई पसंद बने. धार्मिक स्थानों पर भी लोगों का आना-जाना बढ़ गया. यही कारण है कि पर्यटन विभाग ने प्राचीन मंदिरों, तालाब और पार्कों का सुंदरीकरण का काम तेज करा दिया है.
फाइल फोटो

लखनऊ. कोरोना काल के बाद जब हालत वापस सामान्य हुए तो शहर के पार्कों में खूब भीड़ उमड़ी. भूलभुलैया, हजरतगंज और इमामबाड़े से इतर पार्क लोगों की नई पसंद बने. धार्मिक स्थानों पर भी लोगों का आना-जाना बढ़ गया. यही कारण है कि पर्यटन विभाग ने प्राचीन मंदिरों, तालाब और पार्कों का सुंदरीकरण का काम तेज करा दिया है.

गोमतीनगर स्थित अम्बेडकर मेमोरियल पार्क में साल दर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. पार्क में हर रोज तीन से चार हजार और वीकेंड पर सात से आठ हजार तक दर्शक आते हैं. इस पार्क का निर्माण गुलाबी पत्थरों से हुआ है जो रात की रौशनी में बेहद ही खूबसूरत लगता है. इस पार्क का निर्माण वर्ष 2008 में कराया गया.

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जनेश्वर मिश्र पार्क

जनेश्वर मिश्र पार्क एशिया के सबसे खूबसूरत पार्कों में से एक है. यहं बोटिंग, डांस फ्लोर, फुटबॉल ग्राउंड, टेनिस कोर्ट, साइकल ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक आदि खास हैं. इसके अलावा चीन से मंगाई गई गंडोला बोट, थीम गार्डन, जिम और 207 फुट ऊंचा तिरंगा आकर्षण का केंद्र है.

काशीराम स्मारक ईको गार्डन

वीआईपी रोड पर बनेे पार्क में स्मारक में बड़ा गुंबद है जो बहुत आकर्षित करता है. विशाल मूर्तियां और नर्सरी भी दर्शकों को भाती है. आमतौर पर काशीराम की जयंती और पुण्यतिथि पर स्मारक पर पर्यटकों की संख्या लाख तक पहुंच जाती है. स्मारक समिति के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर से पहले रोज औसतन चार से पांच हजार पर्यटक आ रहे थे. क्रिसमस से 31 दिसंबर तक यह भीड़ 10 हजार तक पहुंच गई.

चंद्रिका देवी मंदिर

बख्शी का तालाब में गोमती नदी के तट पर बने च्द्रिरका देवी मंदिर में कोरोना के बाद से अब तक साढ़े तीन लाख से ज्यादा सैलानी पहुंचे है. यहां शंकर जी की विशालकाय प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है. पुराणों के अनुसार इस धाम में श्राप मुक्ति के लिए चन्द्रमा को भी स्नान करने के लिए आना पड़ा था.

प्रशासन का पक्ष

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना काल के बाद विदेशी पर्यटक तो आ नहीं सके लेकिन देसी पर्यटकों से राजधानी गुलजार रही. एतिहासिक इमारतों से ज्यादा धार्मिक स्थलों और पार्कों पर लोग गए.विभाग की ओर से कई धार्मिक स्थलों का सुंदरीकरण किया जा रहा है, जिसमें बुद्धेश्वर मंदिर, ऐशबाग रामलीला स्थल आदि शामिल हैं.

 

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