महिला बॉस से पत्नी के संबंध नहीं झेल पाया टाइपराइटर बाबा का बेटा, लगाई फांसी

Smart News Team, Last updated: Wed, 20th Oct 2021, 5:11 PM IST
  • लखनऊ में टाइपराइटर बाबा के नाम से मशूहर कृष्ण कुमार के बेटे निखिल ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. निखिल ने सुसाइट नोट में अपनी पत्नी अंजू गुप्ता के उसकी महिला बॉस से संबंध उसकी मौत की वजह है.
महिला बॉस से अपनी की रिश्ते से परेशान युवक ने की आत्महत्या.( सांकेतिक फोटो )

लखनऊ. यूपी के लखनऊ में मशहूर टाइपराइटर बाबा के बेटे ने पत्नी की उसकी महिला बॉस के साथ नजदीकियों के कारण फांसी लगाकर जान दे दी. मृतक के पास से तीन सुसाइट नोट मिले जो पुलिस को लिखे गए थे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. सुराइट नोट मिलने के आधार पर पुलिस ने शुरूआती जांच में पत्नी, उसकी महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने वाली धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. 

मिली जानकारी के अनुसार, साल 2015 में टाइपराइटर बाबा के नाम से मशहूर हुए कृष्ण कुमार का बेटा निखिल गोमती नगर के विराम खंड इलाके में रहता था. बुधवार को निखिल ने अपने में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. निखिल ने आत्महत्या से पहले तीन सुसाइट नोट लिखे है जिसमें उसने अपनी पत्नी अंजू गुप्ता का उसकी ही महिला बॉस शशि किरण के साथ नजदीकियां होने का शक जताया है. सुसाइट नोट में निखिल लिखा है कि पत्नी के अहमामऊ कल्याणी ग्रुप के दफ्तर में काम करने के बाद से उनके रिश्ते में टकराव की स्थिति पैदा होने लगी. निखिल ने बताया कि पत्नी अंजू कंपनी के मैनेजर महिपाल और उनकी पत्नी शशि किरण के साथ रहने की जिंद कर रही थी और नहीं करने पर अंजू ने जहर खाकर जान देने की धमकी भी दी है.

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सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सोसाइट नोट को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्डम के लिए भेज दिया है. शुरुआती जांच में पुलिस ने निखिल की पत्नी अंजू गुप्ता, उसकी बॉस शशि किरण और उसके पति महिपाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले की जांच की जा रही है.

कौन है टाइपराइटर बाबा

लखनऊ में टाइपराइटर बाबा के नाम से मशहूर कृष्ण कुमार निखिल के पिता है. 2015 में वीवीआईपी मूवमेंट के चलते स्थानीय दारोगा ने लात मार कर टाइपराइटर फेंक दिया था. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के निर्देश के बाद लखनऊ के तत्कालीन डीएम राजशेखर और एसएसपी लखनऊ राजेश पांडे ने दारोगा की हरकत पर मांफी मांगते हुए कृष्ण कुमार को घर जाकर नया टाइपराइटर दिया था.

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