लखनऊ यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज में सरस्वती की प्रतिमा खंडित, गुस्साए छात्रों का प्रदर्शन

Swati Gautam, Last updated: Tue, 22nd Feb 2022, 9:47 PM IST
  • लखनऊ यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज परिसर में स्थापित 50 साल पुरानी मां सरस्वती की प्रतिमा को सोमवार देर रात कुछ अराजक तत्वों ने तोड़ दिया. परिसर में रखी कलाकृतियों को भी तहस-नहस कर दिया गया. सूचना मिलने पर छात्रों में आक्रोश छा गया. ABVP की अगुवाई में स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन किया.
लखनऊ यूनिवर्सिटी

लखनऊ. मंगलवार को लखनऊ यूनिवर्सिटी में बड़ा हंगामा हो गया. जानकारी अनुसार सोमवार की देर रात कुछ अराजक तत्वों ने यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज परिसर में स्थापित 50 साल पुरानी मां सरस्वती की प्रतिमा को तोड़ दिया. इतना ही नहीं परिसर में रखी आर्ट्स स्टूडेंट्स द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों को भी तहस-नहस कर दिया गया. जैसे ही मंगलवार सुबह यह खबर यूनिवर्सिटी के छात्रों तक फैली तो सभी में आक्रोश बढ़ गया. छात्र ABVP की अगुवाई में स्टूडेंट्स प्रदर्शन करने लगे. कॉलेज प्रशासन ने भी मामले की जांच जल्द से जल्द कराने की बात कही है.

लखनऊ यूनिवर्सिटी में सोमवार रात हुई इस घटना के बाद प्रो. राकेश द्विवेदी ने प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी के स्टूडेंट्स से बातचीत करके उनका ज्ञापन लेकर जांच कराने की बात कही. खबरों की मानें तो यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज परिसर में लगी यह माता सरस्वती की प्रतिमा करीब 50 साल पुरानी थी. बसंत पंचमी के अवसर पर माता सरस्वती की इस प्रतिमा का पूजन भी हर साल किया जाता रहा है. जिसकी वजह से छात्रों में आक्रोश बढ़ गया.

लखनऊ अस्पतालों में अलर्ट जारी, कल ओपीडी रहेंगे बंद, इमरजेंसी में मिलेगा इलाज

मालूम हो कि लखनऊ यूनिवर्सिटी में बने आर्ट्स कॉलेज के मुक्ताकाशी मंच के पास एक कोठी है. इस कोठी के अंदर आर्ट्स के स्टूडेंट्स द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों को रखा जाता है. इसके अलावा वहां में विजुअल आर्ट्स की क्लासेज का संचालन किया जाता है. घटना से पहले स्टूडेंट्स की परीक्षाएं चल रही है प्रोजेक्ट वर्क के लिए कलाकृतियों को तैयार किया गया और वहां रखा गया लेकिन सोमवार देर रात कुछ अराजक तत्वों ने सब तहस नहस कर दिया. मंगलवार सुबह जब कर्मचारी यहां पहुंचे तो सब कुछ टूटा- फूटा पड़ा था. जानकारी अनुसार तीन कमरों में रखी स्टूडेंट्स द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों को बर्बाद कर दिया गया.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें