हमेशा के लिए यूपिका व यूपी हैंडलूम के शो रूम होंगे बंद, जर्जर हालत के कारण लिया गया फैसला

Smart News Team, Last updated: Wed, 18th Aug 2021, 12:01 PM IST
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई )के चीफ सेक्रेटरी डा. नवनीत सहगल ने बताया की सा‌र्वजनिक उद्यम की बैठक में यूपी हैंडलूम और यूपिका को बंद करने का फैसला लिया गया है. इससे संबंधित प्रस्ताव जल्द ही सरकार को भेजा जाएगा. हालांकि इनके शो-रूम जो ठीक-ठाक स्थिति में हैं, उन्हें खादी बोर्ड के माध्यम से संचालित किया जाएगा.
हमेशा के लिए यूपिका व यूपी हैंडलूम के शो रूम होंगे बंद, जर्जर हालत के कारण लिया गया फैसला (प्रतिकात्मक फोटो)

लखनऊ: कई वर्षों तक राज्य के साथ देश के अलग -अलग शहरों में शहरों में राज्य के बुनकरों, सहकारी समितियों, हस्तशिल्पियों के कला सबके सामने लाने और उसे बेचने की जिम्मेदारी उठाने वाले यूपी स्टेट हैंडलूम कारपोरेशन(यूपी हैंडलूम) और यूपी इण्डस्ट्रियल कोआपरेटिव एसोसिएशन् लि (यूपिका ) को बंद करने करने का फैसला लिया गया है. 

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई )के चीफ सेक्रेटरी डा. नवनीत सहगल ने बताया की सा‌र्वजनिक उद्यम की बैठक में यूपी हैंडलूम और यूपिका को बंद करने का फैसला लिया गया है. इससे संबंधित प्रस्ताव जल्द ही सरकार को भेजा जाएगा. हालांकि इनके शो-रूम जो ठीक-ठाक स्थिति में हैं, उन्हें खादी बोर्ड के माध्यम से संचालित किया जाएगा. यह निर्णय लागातार हो रहे घाटे को देखते हुए लिया गया है.

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सार्वजनिक उद्यम की राज्यस्तरीय समिति की बैठक में यूपिका और यूपी हैंडलूम के खराब हालत को ध्यान में रखते हुए दोनों को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया. यूपिका और यूपी हैंडलूम समय के अनुसार बदलते ट्रेंड के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाए. या कहा जा सकता है लोगों की समय के अनुसार बदलते मांग को पूरा करने की असमर्थता के कारण काफी घाटे में चल रहा था. यूपिका और यूपी हैंडलूम के हालत का अंदाज इस बात से लगया जा सकता ही की इन दोनों के तमाम शोरूम या तो बंद हो गए या बंद होने की न कारागार पर है. अपने कर्मचारियों को वेतन देने में भी असमर्थ है. हालत के अनुसार दोनों संस्थाओं में बहुत कम ही कर्मचारी रह गए हैं.

बैठक में यह भी तय किया गया कि यूपिका और यूपी हैंडलूम संस्थाओं की वैसी सभी संपत्तियां जो घाटे में है उन्हें बेच जाएगा. दोनों की राज्य के अंदर और राज्य के बाहर स्थित शोरूम जिनकी स्थिति अच्छी हैं उन्हें खादी बोर्ड के माध्यम से संचालित किया जाएगा. यूपिका और यूपी हैंडलूम के कर्मचारियों को वीआरएस देने का फैसला किया गया है लेकिन जो कर्मचारी वीआरएस नहीं लेना चाहते उन्हें खादी बोर्ड में समायोजित किया जाएगा.

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