Maha Shivratri 2022: कब है महाशिवरात्रि, जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विध

Ruchi Sharma, Last updated: Tue, 22nd Feb 2022, 8:46 AM IST
  • फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है. माना जाता है कि सृष्टि का प्रारम्भ इसी दिन से हुआ था.  इस दिन भगवान शंकर की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
Maha Shivratri 2022

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए इस दिन को महाशिवरात्रि पर्व के रूप में मनाते हैं. महाशिवरात्रि हिंदुओं के लिए एक बड़ा पर्व है. यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है. फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है. माना जाता है कि सृष्टि का प्रारम्भ इसी दिन से हुआ था. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शंकर की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. भगवान भोलेनाथ के भक्त इस दिन को श्रद्धाभाव और पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं.

इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार 1 मार्च, मंगलवार को है. भोलेनाथ को समर्पित महाशिवरात्रि के दिन पंचग्रही योग बनने से इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है.

शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि के दिन सुबह 11 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से दोपहर 02 बजकर 53 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा। शाम 05 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त रहेगा.

पूजा विधि

महाशिवरात्रि के दिन सबसे पहले शिवलिंग में चन्दन के लेप लगाकर पंचामृत से शिवलिंग को स्नान कराएं. दीप और कर्पूर जलाएं. पूजा करते समय ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. शिव को बिल्व पत्र और फूल अर्पित करें. शिव पूजा के बाद गोबर के उपलों की अग्नि जलाकर तिल, चावल और घी की मिश्रित आहुति दें. होम के बाद किसी भी एक साबुत फल की आहुति दें. सामान्यतया लोग सूखे नारियल की आहुति देते हैं.

शिवलिंग स्नान विधि

सनातन धर्म के अनुसार शिवलिंग स्नान के लिये रात्रि के प्रथम प्रहर में दूध, दूसरे में दही, तीसरे में घृत और चौथे प्रहर में मधु, यानी शहद से स्नान कराने का विधान है. इसके साथ ही व्रती को पूजा, अर्घ्य, जप और कथा सुननी चाहिए और स्तोत्र पाठ करना चाहिए. अंत में भगवान शिव से भूलों के लिए क्षमा जरूर मांगनी चाहिए.

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