लखनऊ: भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1 हजार करोड़ की जमीन कब्जे से मुक्त

Smart News Team, Last updated: Wed, 30th Dec 2020, 6:53 PM IST
  • एलडीए और जिला प्रशासन ने गोमती नगर विस्तारा सेक्टर 7 योजना वाली जमीन को बिल्डरों के अवैध कब्जे से खाली करवाया. इस जमीन की सामान्य कीमत 450 करोड़ रुपए है लेकिन मार्केट रेट 1000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा आंकी जा रही है.
एलडीए और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने 7 बिल्डरों से अवैध कब्जे वाली जमीन को खाली कराया.

लखनऊ. गोमती नगर के विस्तारा सेक्टर 7 योजना वाली 1000 करोड़ की जमीन को बिल्डरों के अवैध कब्जे से लखनउ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और जिला प्रशासन ने बुधवार को खाली कराया. एक्सला समेत कुछ बिल्डरों ने इन जमीनों पर निर्माण कार्य भी किया हुआ था जिसे धवस्त कर दिया गया है. 

बताया जा रहा है कि बिल्डरों से खाली कराई गई 90 एकड़ जमीन की कीमत 1 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा है. एलडीए ने मलेसेमउ गांव की जमीन का अधिग्रहण अपनी गोमती नगर विस्तार सेक्टर 7 योजना के लिए किया था. 90 एकड़ की ये भूमि प्राधिकरण के नाम पर दर्ज है. जो पुलिस हेडक्वार्टर से आगे गोमती नदी के किनारे प्राइम लोकेशन पर है. 

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कुछ बिल्डरों ने इन जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था. उससे इन जमीनों पर लंबे समय से किसान खेती कर रहे थे. बिल्डरों ने इस जमीन के चारों तरफ से बाउंडी वाल बनाकर इसे कब्जे में ले लिया था और इसमें निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया था. जिसके बाद बुधवार को जिला प्रशासन और एलडीए की संयुक्त टीम ने गोमती नदी के किनारे 90 एकड़ पर अवैध कब्जे को खाली कराया.

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लखनऊ प्राधिकरण ने इन जमीनों पर अपना कब्जा ले लिया है. इस जमीन पर जो कुछ भी निर्माण किया गया था, उसे धवस्त कर दिया गया है. डीएम सर्किल रेट के हिसाब से इस जमीन की कीमत 450 करोड़ रुपए है. वहीं मुख्य जगह पर होने की वजह से 90 एकड़ की इस जमीन का मार्केट रेट 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है.

 

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