यूपी के स्मारक घोटाले से जुड़े निर्माण निगम के अधिकारियों से जल्द हो सकती है पूछताछ

Ankul Kaushik, Last updated: Thu, 26th Aug 2021, 4:14 PM IST
  • उत्तर प्रदेश के स्मारक घोटाले में अब विजिलेंस टीम ने जांच तेज कर दी है. इस केस से जुड़े पूर्व मंत्रियों के बयान दर्ज करने के बाद अब अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी है. उत्तर प्रदेश विजिलेंस स्मारक घोटाले से जुड़े राजकीय निर्माण निगम व खनन विभाग के तत्कालीन अधिकारियों से जल्द पूछताछ करेगी.
स्मारक घोटाले में अधिकारियों से होगी पूछताछ

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती के कार्यकाल में 1400 करोड़ रुपये का स्मारक घोटाला हुआ था. इस स्मारक घोटाले को लेकर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने जांच तेज कर दी है. इस घोटाले में विजिलेंस ने पूर्व मंत्रियों के बयान दर्ज किए थे अब इस केस से जुड़े राजकीय निर्माण निगम व खनन विभाग के तत्कालीन अधिकारियों से जल्द पूछताछ करेगी. वहीं टीम इसके साथ ही लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों से भी इस घोटाले को लेकर पूछताछ करेगी. बसपा सरकार में हुए इस घोटाले को लेकर विजिलेंस की टीम इस महीने के लास्ट में पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है. वहीं खबरों की मानें तो स्मारक घोटाले को लेकर आरोपितों के विरुद्ध भी आरोपपत्र दाखिल किए जाने की तैयारी है.

बता दें कि स्मारक घोटाले से जुड़े नामजद आरोपित पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी व बाबू सिंह कुशवाहा से कुछ दिन पहले पूछताछ हुई थी. इस पूछताछ में उनके बयान दर्ज किए गए थे. मायावती की सरकार में हुए इस घोटाले की जांच विजिलेंस के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है. ईडी ने इस केस से जुड़े केई नेताओं सहित अधिकारियों के घर पर छापेमरी भी की है.

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स्मारक घोटाले में सबसे अधिक घोटाला पत्थर की खरीददारी में हुआ था. क्योंकि स्मारक में लगाए गए पत्थरों को कई गुना अधिक कीमतों पर खरीदा गया था और इस मामले में विजिलेंस ने चार अधिकारियों की गिरफ्तारी भी की थी. इन स्मारकों में लगे पत्थरों को मीरजापुर से खरीदा गया था और मानक के विपरीत अधिक दाम पर पत्थर सप्लाई करने के आरोप में किशोरी लाल व रमेश कुमार को पकड़ा गया था. इस स्मार्क के निमार्ण की देख रेख का जिम्मा निर्माण कार्यों की मानीटरिंग तत्तकालीन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी कर रहे थे.

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