मिस्ड कॉल से मिलेगा संस्कृत सीखने का मौका, जानें पूरी डिटेल्स

Smart News Team, Last updated: Mon, 2nd Aug 2021, 11:22 PM IST
  • उत्तर प्रदेश में एक अभियान चलाया जा रहा है. अभियान के तहत एक मिस्ड कॉल आपको संस्कृत बोलना और पढ़ना सिखा देगी. यह मिस्ड कॉल उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान का अभियान है. इस अभियान से जुड़ने के लिए 9522340003 इस नंबर पर आप मिस्ड कॉल दे सकते हैं और संस्कृत सीख सकते हैं.
यूपी में लोगों को संस्कृत सीखने का मिलेगा मिस्ड कॉल से मौका.

लखनऊ. एक मिस्ड कॉल पर कोई भाषा सीख जाना सुनने में थोड़ा अटपटा लग रहा होगा, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा एक अभियान चलाया जा रहा है, जिस अभियान के तहत एक मिस्ड कॉल आपको संस्कृत बोलना और पढ़ना सिखा देगी. यह मिस्ड कॉल उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान का अभियान है. इस अभियान से अब तक अलग-अलग राज्यों में आठ हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं. संस्थान का दावा है कि रोज एक घंटे की क्लास से केवल 20 दिनों में उनके अभ्यर्थियों को संस्कृत बोलना और समझना सिखा देंगे.

इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर सीखें संस्कृत

संस्थान अध्यक्ष डॉ.वाचस्पति मिश्र के अनुसार जो भी छात्र संस्कृत सीखने के इच्छुक हैं. वे 9522340003 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं. जो छात्र दिए गए नंबर पर मिस्ड कॉल देंगे वे संस्कृत की ऑनलाइन क्लास के लिए रजिस्टर्ड हो जाएंगे. उन्होंने साथ ही यह भी बताया कि जो छात्र संस्कृत सीखना और बोलना चाहते हैं उनके लिए दो श्रेणी तय की गई है. जहां पहली श्रेणी में वो लोग आएंगे जो संस्कृत की पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी श्रेणी में वो लोग रहेंगे जो संस्कृत सीखना चाहते हैं. 

डॉ. मिश्र के मुताबिक जो भी छात्र इस नंबर पर मिस्ड कॉल देगा. उस छात्र के मोबाइल में गूगल फॉर्म का लिंक पहुंच जाएगा. फॉर्म को भरते हुए छात्रों को समय चुनना होगा. संस्कृत के साथ ही यह संस्थान ज्योतिष, कर्मकांड, पुरोहित विधा, पाली एवं प्राकृत भाषा को सिखाने के लिए मिस्ड कॉल की सर्विस शुरू करेगा. संस्थान इसकी तैयारियों में लगा हुआ है. 

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असम, मणिपुर से लेकर गोवा तक चल रहा अभियान

इस संस्थान में अब तक 8.5 हजार छात्र संस्कृत सीखने में जुटे हैं. इसमें असम, मणिपुर, चंडीगढ़ से लेकर गोवा और गुजरात सहित अलग-अलग राज्यों से छात्र पढ़ रहे हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक आंध्र प्रदेश से 66, असम से 57, बिहार से 132, चंडीगढ़ से 13, दादर एवं नगर हवेली से पांच, दिल्ली से 248, गुजरात को 217, हरियाणा से 164, कर्नाटक से 248, केरल से 16, मध्य प्रदेश से 324, महाराष्ट्र से 969, उडीसा से 81, पंजाब से 117, राजस्थान से 251, तेलांगाना से 129, उत्तर प्रदेश से 1635, उत्तराखंड से 138 और पश्चिमी बंगाल से 154 छात्र-छात्राएं संस्कृत सीख रहे हैं. 

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