मोहनलालगंज में भाजपा नेता के भाई की अगवा कर हत्या, शव सड़क किनारे फेंका

Anurag Gupta1, Last updated: Sat, 18th Dec 2021, 9:30 AM IST
  • मोहनलालगंज में भाजपा नेता के भाई हत्या कर सड़क के किनारे फेंका. शव के थोड़ी दूरी पर चप्पल व मोबाइल मिला. घर वालों ने लेन-देन, फिरौती, लूटपाट की आशंका जाहिर की. घर वालों ने किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी है.
(प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ. मोहनलालगंज के गोपालखेड़ा में गुरूवार को भाजपा नेता के भाई की हत्या का मामला सामने आया है. बदमाश शव को सड़क किनारे निर्माणधीन आउटर रिंग रोड पर फेंककर फरार हो गए. मृतक की पहचान मुकेश सिंह (46) के रूप में हुई है. घर वालों ने अगवा करके हत्या करने की अशंका जताई है. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है.

गुरूवार रात से मोहनलालगंज पुलिस व मुकेश के घर वाले उनकी तलाश कर रहे थे. तभी उनकी चप्पल व एक मोबाइल फोन उनके शव से थोड़ी दूरी पर मिला. उनका एक मोबाइल व रूपये गायब हैं. परिजनों ने रूपये के लेन-देन, फिरौती व लूटपाट की आशंका जताई है. फिलहाल घर वालों ने किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी है.

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परिचित का फोन आने पर निकले मुकेश:

गोपालखेड़ा निवासी मुकेश सिंह कंप्यूटर मरम्मत का काम करते थे. कुछ दिनों से स्वास्थ्स सही न होने के चलते कोई काम नहीं कर रहे थे. गुरूवार करीब शाम छह बजे एक परिचित के फोन आने पर वह रायबरेली रोड पर गोपालखेड़ा पुल के पास किसी से मिलने गए थे. वहां मौजूद लोगों ने बताया कि रायबरेली की तरफ से आई एक सफेद रंग की कार में मुकेश बैठ गए. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब मुकेश जा रहे थे एक परिचित ने उन्हें उधार लिए पचास हजार रुपए भी दिए थे. जो मुकेश के पास नहीं मिले. मोबाइल भी गायब था.

बता दें मुकेश का भाई विनोद सिंह भाजपा के पूर्व पदाधिकारी रहे हैं जबकि उनके भतीजे विकास सिंह वर्तमान में अवध प्रांत के क्षेत्र मंत्री हैं.

दोस्त के मोबाइल पर आई कॉल:

मुकेश के दोस्त व कपड़ा व्यापारी सुजीत के मोबाइल पर शाम को करीब 6 बजे कॉल आई जब तक वो उठा पाते तब तक कट गई. जब उन्होंने कॉल बैक किया तो कई बार कॉल नहीं रिसीव हुई फिर कुछ देर में मोबाइल स्वीच ऑफ बताने लगा.

बेटा के पैदल घर पहुंचने पर हुआ शक:

मुकेश का बेटा अमन उर्फ इशू इंजीनियरिंग में कॉलेज का छात्र है. मुकेश रोज शाम को उसको लेने के लिए पुल तक जाते थे. गुरुवार को मुकेश की बाइक दूसरी दिशा में खड़ी थी काफी देर इंतजार करने के बाद जब मुकेश नहीं दिखे तो बेटा पैदल ही घर आ गया. घर पर आकर बेटे ने बताया कि पिता वहां पर नहीं थे. जिसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई.

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