20 साल पुराने केस में बढ़ी मुख्तार अंसारी की मुसीबत, कोर्ट में पेश होने के आदेश

Smart News Team, Last updated: Thu, 12th Aug 2021, 1:09 PM IST
  • विशेष अदालत ने मुख्तार अंसारी को 20 साल पुराने केस में व्यक्तिगत रूप से पेश करने का आदेश दिया है. एमपीएमएलए की स्पेशल कोर्ट कई बार मुख्तार अंसारी को पेश करने के दे चुकी है. एक बार फिर कोर्ट ने उन्हें पेश करने के लिए कहा है. हाल ही में मुख्तार को पंजाब से यूपी जेल में शिफ्ट किया गया है.
मुख्तार अंसारी के खराब स्वास्थ्य के कारण वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने जज से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करने की प्रार्थना की है. 

लखनऊ. एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है. स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार राय ने एक बार फिर व्यक्तिगत रूप से मुख्तार को कोर्ट में पेश करने के लिए कहा. इससे पहले भी कई बार कोर्ट मुख्तार को पेश करने के निर्देश दे चुकी है. हालांकि मुख्तार अंसारी की बिगड़ती तबियत के कारण वरिष्ठ जेल अधीक्षक कोर्ट के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करने को लेकर प्रार्थना कर चुके हैं. उन्होंने कोर्ट के सामने बताया कि अभियुक्त को गंभीर बीमारियां हैं जिसके कारण व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में लाना संभव नहीं होगा. 

मुख्तार अंसारी को कोर्ट में पेश करने के आदेश की कॉपी अनुपालनार्थ बांदा जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक के साथ ही अतिरिक्त महानिदेशक कारागार, लखनऊ के पुलिस कमिश्नर, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव गृह व मुख्य सचिव को भी भेजने का आदेश दिया है. जज ने कहा कि अभियुक्त को कोर्ट में लाया जा सकता है. बता दें कि मुख्तार अंसारी को 20 साल पुराने केस में सुनवाई के लिए कोर्ट लाया जाना है. जज ने कहा कि मामला 20 साल से लंबित है. लेकिन बार-बार आदेश के बाद भी अभियोजन और संबधित थाने के रुचि नहीं लेने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी है.

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बता दें कि 20 साल पहले 2000 में मुख्तार अंसारी के अलावा युसुफ चिश्ती, आलम, कल्लू पंडित व लालजी यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी जिसमें कहा गया था कि पेशी से वापस जेल लाए गए थे जिस दौरान मुख्तार अंसारी के साथ अन्य लोगों ने एक बंदी चांद को बुरी तरह पीटा. बीच-बचाव में आए कारापाल एसएन द्विवेदी व उपकारापाल बैजनाथ राम चैरसिया समेत कुछ अन्य बंदीरक्षकों ने जब बंदी को बचाने की कोशिश की तो इन पर भी हमला किया गया. अधिकारियों ने आलर्म बजाकर सब नियंत्रित किया. वहीं अलार्म की आवाज सुनकर अभियुक्त भागे और अधिकारियों पर पथराव के साथ जानमाल की धमकी दी. इसी के बाद लखनऊ के कारापाल एसएन द्विवेदी ने थाना आलमबाग में एफआईआर दर्ज की जिसमें आईपीसी की धारा 147, 336, 353 व 508 में आरोप पत्र दाखिल किया. 

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बता दें कि हाल ही में मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल से यूपी जेल में शिफ्ट किया गया है. 26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को वापस यूपी जेल भेजने का आदेश दिया था. 26 महीने बाद मुख्तार को पंजाब से उत्तर प्रदेश वापस लाया गया. 24 जनवरी 2019 को उसे न्यायिक हिरासत में पंजाब की रोपड़ जेल भेजा गया था. 2 साल में उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम 8 बार अंसारी को लेने पंजाब गई, लेकिन हर बार असफल रही. 2021 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्तार को दोबारा यूपी जेल में शिफ्ट किया गया.

 इसी मामले की सुनवाई करने के लिए स्पेशल कोर्ट के जज ने आदेश दिए हैं कि मुख्तार को जल्द कोर्ट में पेश किया जाए. इस केस के अन्य अभियुक्त युसुफ चिश्ती, आलम, कल्लू पंडित व लालजी यादव सभी सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हैं. वहीं मुख्तार अंसारी के कोर्ट में पेश ना हो पाने के कारण अभियुक्तों पर आरोप तय नहीं हुए हैं.

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