जेल में बंद बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी से बसपा ने बनाई दूरी, पार्टी से हो सकती है विदाई

Shubham Bajpai, Last updated: Thu, 9th Sep 2021, 12:03 PM IST
  • बसपा बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पार्टी से बाहर का रास्ता जल्द दिखा सकती है. यूपी विधानसभा चुनाव में अपनी छवि को लेकर पार्टी किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहती. वहीं, अंसारी के बडे भाई सिबगतउल्ला अंसारी के बसपा छोड़ सपा में शामिल होने के बाद से बसपा ने अंसारी परिवार से किनारा कर लिया है. 
बसपा से हो सकती है जेल में बंद बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी की विदाई

लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. चुनाव से पहले पार्टियां अपनी छवि और योजनाओं को लेकर काफी सतर्कता से काम कर रही है. इसी बीच मायावती की बहुजन समाज पार्टी अपनी छवि को जनता के बीच सुधारने में लगी हुई है. जिसके चलते अब पार्टी जेल में बंद पूर्वांचल के डॉन और बसपा से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बाहर का रास्ता दिखाने की सोच रही है. पार्टी काफी समय से मुख्तार से दूरी बनाए हुई है. इससे पहले मुख्तार के यूपी लाए जाने के दौरान भी बसपा का कोई बयान सामने नहीं आया था. वहीं, अब अंसारी परिवार बसपा पार्टी द्वारा किनारे किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी की ओर देख रहा है. इससे पहले मुख्तार के बड़े भाई सिबगतउल्ला अंसारी ने सपा ज्वाइन कर ली थी. जिस पर बसपा की तीखी प्रतिक्रिया आई थी और बसपा ने बयान जारी कर कहा था कि सिबगउल्ला अंसारी को पार्टी से निकाला गया है, उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी.

अंसारी के बड़े भाई दगे कारतूस, पार्टी को फर्क नहीं

बसपा छोड़कर सपा में शामिल मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतउल्ला अंसारी को लेकर बसपा के राज्यसभा सांसद डॉ अशोक सिद्धार्थ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. सिद्धार्थ ने कहा कि वो दगे हुए कारतूस हैं और पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता है. सिबगतउल्ला पिछले काफी दिनों से निष्क्रिय थे, इसी वजह से पार्टी उन्हें पहले ही निष्कासित कर चुकी है. अंसारी ब्रदर्स के बाकी भाइयों मुख्तार और अफजाल के भी बीएसपी छोड़कर किसी दूसरी पार्टी में जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

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पत्नी और बेटे के जेल में मुख्तार से मिलने के बाद बड़ी हलचल

बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के बेटे व पत्नी ने जेल जाकर उससे मुलाकात की. जिसके बाद इस मुलाकात के कई कयास लगाए जा रहे हैं. मुख्तार के बेटे अब्बास सपा में शामिल हो सकते हैं. इससे पहले सपा के प्रवक्ता कह चुके हैं कि जिसका पिता डॉन हो तो जरूरी नहीं उसका बेटा भी उसकी तरह हो. वहीं, अब्बास के शामिल होने को लेकर कहा कि इसका फैसला सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा.

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अपनी पार्टी भी बना चुके हैं अंसारी

बता दें कि मुख्तार अंसारी ने पहला चुनाव बसपा से लड़ा था, उसके बाद दो चुनाव निर्दलीय लड़ चुके हैं. जिसके बाद अपनी पार्टी कौमी एकता दल बनाया था, उससे एक चुनाव लड़ा. जिसका 2017 चुनाव से पहले बसपा में विलय कराकर अंसारी ने बसपा की सदस्यता ले ली थी.

 

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