ऐप के फेर ने फंसाया 8 हजार नगर निगम कर्मियों का वेतन, जानें पूरा मामला

Smart News Team, Last updated: 03/02/2021 12:48 PM IST
  • लखनऊ में नगर निगम के कर्मचारियों का वेतन हाजिरी ऐप ने फंसा दिया है. ऐप से हाजिरी का ब्यौरा जुटाने में नगर निगम प्रशासन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे 8 हजार कर्मचारियों की सैलरी रुक गई है.
ऐप से हाजिरी के फेर में 8 हजार नगर निगम कर्मचारियों की सैलरी अटक गई है.

लखनऊ. लखनऊ नगर निगम के 8 हजार कर्मचारियों की सैलरी अटक गई है. ऐप के फेर में बाबू और उनसे ऊपर के कर्मचारियों के लिए ऐप से अटेंडेंस यानी हाजिरी देना अनिवार्य है. वहीं अब नगर निगम को वेतन बिल की जांच करने में ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिससे सभी कर्मचारियों का वेतन रुक गया है. नगर निगम के उन कर्मचारियों में खासा नाराजगी है जो आदेश जारी होने के बाद से ऐस से हाजिरी दे रहे थे.

नगर निगम द्वारा जनवरी से ऐप से हाजिरी देने की व्यवस्था शुरू की गई है लेकिन अब वेतन बनाने वालों को एक-एक कर्मचारी का ब्योरा जुटाने में परेशानी हो रही है. उन कर्मचारियों का वेतन रोकना है जो देरी से आए या उन्होनें हाजिरी नहीं लगाई. 

देरी से आने वाले लेकिन प्रशासन को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने वालों को वेतन देना है जिनके जवाब से प्रशासन संतुष्ट है. ऐसे में आठ हजार कर्मचारियों की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार करनी है. वहीं बिना जांच करे नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों की सैलरी देने को तैयार नहीं है. ऐसे में सभी का वेतन रोक दिया गया है. 

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नगर आयुक्त अजय द्विवेदी के अनुसार ऐप से हाजिरी को लेकर जो निर्देश दिए गए थे उनके अनुपालन के आधार पर ही कर्मचारियों को सैलरी दी जाएगी. वहीं मामले की पूरी तरह जांच की जा रही है. 

इसी के साथ ऐप से अटेंडेंस सिस्टम की जानकारी रखने वाले कर्मचारी के अनुसार करीब दस परसेंट लोग ऐसे हैं जिनकी अलग-अलग परेशानियां हैं जिसमें से कुछ ने एप डाउनलोड करने के बाद फोन बदला तो परेशानी का सामना करना पड़ा और इसी के साथ नेटवर्क की समस्या परेशानी का कारण बना है.  

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वहीं इस एप में अवकाश का विकल्प नहीं है जिसके कारण कर्मचारियों को मैनुअल ही आवेदन करना होता है. कर्मचारियों का इसपर कहना है कि ऐप को पूरी तरह अपडेट के बाद लागू किया जाना चाहिए था. 

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