दर्दनाक! कोरोना काल में मौत, पड़ोसी क्या रिश्तेदार भी नहीं दे रहे कंधा

Smart News Team, Last updated: Sun, 18th Apr 2021, 11:19 AM IST
  • कोरोना महामारी में मौत होने के बाद पड़ोसी तो छोड़िए रिश्तेदार भी अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आ रहे है. कोविड-19 से मृतक के परिजनों को खुद ही सभी कर्यों को करना पद रहा है.
दर्दनाक! कोरोना काल में मौत, पड़ोसी क्या रिश्तेदार भी नहीं दे रहे कंधा

लखनऊ. जबसे कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई है. तबसे देश प्रदेश में संक्रमितों की संख्या में लगतार बढ़ोतरी होती जा रही है. वही साथ में कोरोना से मारने वालों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है. साथ ही मौतों के बाद से परिवारों में अंतिम संस्कार की भी समस्या बढ़ती जा रही है. इस कोरोना काल मे मौत होने के बाद पड़ोसी तो छोड़िए रिश्तेदार भी साथ नहीं दे रहे है. एक ऐसा ही वाक्या लखनऊ के चिनहट के लौलाई उपकेंद्र के पास देखने को मिला. जहां पर एक लाचार पिता ने अकेले ही अपने बेटे के शव को अर्थी दी और उसकी कब्र भी अकेले ही खोदी.

जानकारी के अनुसार वहां के निवासी सूरजपाल के 13 वर्षीय बेटे की मौत अचानक हो गई. उससे पहले उसे तेज भुखार हुआ था. जिसका इलाज घर पर ही हो रहा था, लेकिन अचानक तबियत और बिगड़ी जिसके कारण उसकी मौत हो गई. बीमारी के कारण हुए मौत के बाद आस पास के लोग अपने घरों में बंद हो गए. कोई भी उनके बेटे के शव को कंधा देने नहीं पहुँचा.

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जिसके बाद लाचार पिता ने बेटे के शव को अकेले ही कंधे पर लेकर जाना पड़ा और लौलाई उपकेंद्र के पीछे नाले के पास खुद ही उसकी कब्र खोदी, फिर बेटे के शव को दफन किया. सूरजपाल बताते है कि पड़ोसी उनके बेटे के मौत के बारे में चर्चा करते रहे, लेकिन कोई भी उनके बेटे के शव को कंधा देने नहीं पहुँचा. उन्होंने बताया कि लोग कोरोना की डर से घरों से बहार निकलना भी बंद कर दिया है.

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