New Year 2022 में पुरानी कारें और बाइक चलाने के लिए अब जेब ढ़ीली करनी पड़ेगी

Smart News Team, Last updated: Sat, 1st Jan 2022, 7:14 AM IST
  • नववर्ष के मौके पर हर किसी को गाड़ियों में और बाइक पर घूमना पसंद होता है. महज़ नववर्ष 2022 में अब पुरानी गाड़ी और बाइक पर घूमने के लिए भी अब आपको अपनी जेब ढ़ीली करनी होगी. बता दें कि सरकार ने नए वर्ष यानी 1 अप्रैल से सभी दोपहिया, तीन 1 से पहिया, चारपहिया सहित व्यावसायिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि का फैसला किया है. यह बढ़ोतरी 400 से 800 फीसदी तक होगी.
New Year 2022 में पुरानी कारें और बाइक चलाने के लिए अब जेब ढ़ीली करनी पड़ेगी

नए साल 2022 में 15 वर्ष से अधिक पुरानी कार-बाइक चलाना आपको बहुत महंगा पड़ेगा. नए वर्ष में सरकार राष्ट्रीय वाहन कबाड़ नीति के तहत प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को हटाना चाहती है. उपभोक्ताओं को हतोत्साहित करने के लिए सरकार ने 1 अप्रैल 2022 से 15 साल पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का शुल्क आठ गुना बढ़ाने का फैसला किया है.

बता दें कि, सरकार ने नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल सभी दोपहिया, तीन 1 से पहिया, चारपहिया सहित व्यावसायिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि का फैसला किया है. यह बढ़ोतरी 400 से 800 फीसदी तक होगी. फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल करने में भी जेब ढीली करनी होगी.

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बता दें कि, 15 साल पुरानी कार के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण पर 1 अप्रैल 2022 से 600 रुपये के बजाय 5000 रुपये शूल्क देने होंगे. मोटरसाइकिल रैजिस्ट्रेशन नवीनीकरण 300 के बजाय 1000 रुपये में होगा.

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बताते चलें कि, इंडिया में सेकेंड हैंड कारों का बिजनेस बड़े स्तर पर असंगठित क्षेत्र में है. वहीं CarDekho, Cars24, Droom, Spinny, OlaCars और CarTrade जैसे कई स्टार्ट-अप भी इस सेक्टर में हैं. साथ ही ऑटो कंपनियां अपने खुद के सेकेंड हैंड कार स्टोर भी चलाती हैं. ऐसे में सेकेंड हैंड कारों का मार्केट बढ़ने से इनका बिजनेस तो बढ़ेगा ही, वहीं ये प्लेटफॉर्म ग्राहकों को वैरिफाइड और भारी डिस्काउंट पर कारों की सेल करते हैं, इससे ग्राहकों को भी अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है.

भारत में सेकेंड हैंड कारों का मार्केट 2020 में करीब 27 अरब डॉलर (करीब 2,000 अरब रुपये) का था. 2026 तक इसके बढ़कर 50 अरब डॉलर (करीब 3,720 अरब रुपये) पर पहुंचने की संभावना है.

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