1 जनवरी से फूड डिलीवरी ऐप GST के दायरे में, ऑनलाइन फूड ऑर्डर होगा महंगा!

ABHINAV AZAD, Last updated: Mon, 20th Dec 2021, 3:10 PM IST
  • जोमैटो और स्विगी जैसे फूड डिलीवरी ऐप पर केंद्र सरकार की तरफ से 5 फीसदी टैक्स लगाया गया है. यह नया नियम 1 जनवरी 2022 से लागू हो जाएगा. अब ऐप कंपनियों को रेस्टोरेंट की तरह ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं मिलेगा.
(प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ. ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वालों को अब ज्यादा कीमत अदा करने होंगे. दरअसल, जोमैटो और स्विगी जैसे फूड डिलीवरी ऐप पर केंद्र सरकार की तरफ से 5 फीसदी टैक्स लगाया गया है. यह नया नियम 1 जनवरी 2022 से लागू हो जाएगा. केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार ऐप कंपनियों को रेस्टोरेंट की तरह ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं मिलेगा. गौरतलब है कि लंबे वक्त से फूड डिलीवरी ऐप की सेवाओं को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग चल रही थी.

दरअसल, इस मांग पर 17 सितंबर 2021 को जीएसटी परिषद की बैठक में मुहर लगी थी. अब यह नया नियम देशभर में 1 जनवरी 2022 से लागू हो जाएगा. यहां ध्यान देने वाली बात है कि कानूनी तौर पर ऐप पर लगने वाले 5 फीसदी टैक्स का सीधा असर ग्राहक पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि सरकार यह टैक्स फूड डिलीवरी करने वाले ऐप्स से वसूलेगी. हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि फूड डिलीवरी ऐप 5 फीसदी टैक्स को किसी ना किसी रूप में ग्राहक से ही वसूल करेंगे. ऐसे में 1 जनवरी से ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना महंगा हो सकता है.

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गौरतलब है कि अब तक ऐप से फूड आर्डर करने पर रेस्टोरेंट को 5 फीसदी टैक्स देना होता था. लेकिन अब ऐप पर लागू कर दिया गया है. दरअसल, यह टैक्स जीएसटी क तहत रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड रेस्टोरेंज से खाना आर्डर करने वाले ऐप पर लागू होगा. ऐसा माना जा रहा है कि इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले ऐप्स उन्हीं रेस्टोरेंट से फूड आर्डर लेंगे, जो जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं. बताते चलें कि जोमैटो और स्विगी जैसे फूड डिलीवरी ऐप पर केंद्र सरकार की तरफ से 5 फीसदी टैक्स लगाया गया है. यह नया नियम 1 जनवरी 2022 से लागू हो जाएगा.

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