मदद की गुहार लगाते मरीज परेशान, लखनऊ स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर नहीं उठा रहे फोन

Smart News Team, Last updated: Wed, 28th Apr 2021, 12:31 PM IST
  • लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी और सीएमओं के फोन कॉल नहीं उठाने पर मरीज परेशान हो रहे है. वही मरीजों के परिजनों को अपनी समस्या का समाधान खुद ही करना पड़ रहा है.
मदद की गुहार लगाते मरीज परेशान लखनऊ स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर नहीं उठा रहे फोन

लखनऊ. लखनऊ में आएदिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. वही इसी बीच कोरोना संक्रमित और आम मरीजों को स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. चाहे वो ऑक्सीजन की कमी हो या दवाइयों या स्वास्थय सुविधाओं की सभी जगह स्वास्थ्य विभाग की कमी कारण मरीजों को कई परेशानियां उठानी पड़ रही है. वही इसके आलाधिकारी भी अपना फोन नहीं उठा रहे है. जिसके कारण उनको पहनी समस्या का समाधान खुद ही ढूढ़ना पड़ रहा है. 

लखनऊ में लोग ऑक्सीजन एयर स्वास्थ्य विभाग की कमी के कारण जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे है. वही के अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं है तो किसी मे मरीज को बेड नहीं मिल रहा है. जिसके कारण कई लोगों ने अभी तक अपनी जान गवा दी है. वही जब इसके बारे में लखनऊ सीएमओ डॉ संजय भटनागर से नगर में ऑक्सीजन सिलेंडर से जुड़ी स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन लोगों के मन में डर बैठ गया है कि अगर आज पेशेंट को भर्ती कर लिया और कल ऑक्सीजन नहीं मिला तब क्या करेंगे. 

लखनऊ: अस्पताल में बेड खाली है या नहीं, जानकारी मिलेगी बस एक क्लिक पर, जानें कैसे

वही उनसे जब इस बारे में पूछा गया कि होम आइसोलेट लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो वह कहा से कैसे कर सकते है. तो उन्होंने इसका जवाब देने के बजाय एक नम्बर दिया और कहा कि यह एक ड्रग ऑफिसर का नम्बर है. ऑक्सीजन सिलेंडर कहा से और कैसे मिलेगा इसकी जानकारी इनसे मिल जाएगी. वही जब उस नम्बर पर फोन किया गया तो वह सीबीआई के पब्लिक प्रोसिक्यूटर बृजेश यादव का निकला. साथ ही बृजेश यादव ने बताया कि ऐसे ही उन्हें कई कॉल आ चुके है. वो तो सीएमओ को जानते तक नहीं है. 

एमेजन, फ्लिपकार्ट समेत इनके जरिए भी होगी ऑक्सीजन सिलेंडर की डिलीवरी- लखनऊ DM

इतना ही नहीं जाए किए गए सीएमओ के दूसरे नम्बर पर एक मरीज की समस्या को लेकर कॉल किया गया तो उस नम्बर पर किसी ने जवाब नहीं दिया. इतना ही नहीं कई बार कॉल करने का बावजूद किसी ने भी फोन नहीं उठाया. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े आलाधिकारियों की तरफ से हो रही लापरवाही का मुआवजा मरीज चुका रहे है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें