PM नरेंद्र मोदी ने किया सरयू नहर का लोकार्पण, UP के 9 जिलों के किसानों को फायदा

Jayesh Jetawat, Last updated: Sat, 11th Dec 2021, 2:12 PM IST
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बलरामपुर में सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का लोकार्पण किया. इस सिंचाई परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 9 जिलों के किसानों को फायदा होगा. इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे.
रिमोट बटन दबाकर बलरामपुर में सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण करते पीएम नरेंद्र मोदी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी की जनता को बड़ी सौगात दी है. पीएम मोदी ने शनिवार को बलरामपुर में रिमोट बटन दबाकर सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का लोकार्पण किया. इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 9 जिलों को जोड़ा गया है. इस कार्यक्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य नेता मौजूद रहे.

पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सरयू नहर परियोजना का पूरा होना इस बात का सबूत है कि जब सोच ईमानदार होती है तो काम भी दमदार होता है. दशकों से लोग इस परियोजना के पूरे होने का इंतजार कर रहे थे. घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी की जलशक्ति अब इस क्षेत्र में समृद्धि का नया दौर लेकर आने वाली है.

खासतौर पर वो किसान जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है, उनके लिए सिंचाई की व्यवस्था जीवन बदलने वाली होती है. इस परियोजना से पूरे क्षेत्र के खेतों को नई जिन्दगी मिलने वाली है. बलरामपुर के मसूर दाल का स्वाद बीते सालों में देश भर में फैल गया है. इस क्षेत्र के किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अधिक आय देने वाली फसलों की खेती भी कर सकेंगे.

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40 सालों से अधूरी था प्रोजेक्ट, मोदी ने 4 साल में पूरा किया : CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि अगर किसानों की आय को 2025 तक दोगुना करना है, तो सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूत बनाने की जरूरत है. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को लागू होने के बाद यूपी में 22 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा प्राप्त हो रही है. अब 40 सालों से अधूरी पड़ी सरयू नहर परियोजना को महज 4 साल में पूरा कर लिया गया. 

सीएम योगी ने कहा कि इससे बहराइच, गोंडा, बलरामपुर श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जिले के किसानों के खेतों को पानी मिलेगा. यहां के किसान खेतों से सोना उगलेगा. इस क्षेत्र के लोगों को पलायन नहीं करना पड़ेगा. इस परियोजना के तहत घाघरा नदी को सरयू से, सरयू नदी को राप्ती से, राप्ती नदी को बाणगंगा से और बाणगंगा नदी को रोहिणी नदी से जोड़ा गया है. इस परियोजना से 15 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की व्यवस्था कराने का बेहतरीन माध्यम मिला है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिमोट बटन दबाने के बाद नहर से छोड़ा गया पानी

सरयू नहर परियोजना पर एक नजर-

सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना 9800 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की गई है. इसके तहत 6600 किलोमीटर लंबी 900 नहरों का निर्माण किया गया है. इससे 9 जिलों के 6200 गांवों के छोटे एवं सीमांत किसानों को सिंचाई का पानी मिलेगा. इससे वे नई तरह की खेती कर सकेंगे.

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